अन्याय के खिलाफ आवाज, लामबंदी….कर्मचारी की ग्रेज्यूटी से रिकवरी का मामला रेलमंत्री तक पहुंचा, ऐसे और भी हैं मामले
-पश्चिम रेलवे कर्मचारी परिषद के शिवलहरी शर्मा ने दाहोद में रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव को बताई समस्याएं
न्यूज जंक्शन-18
रतलाम। रतलाम रेल मंडल के रिटायर्ड डिप्टी सीटीआई की 10 साल पुरानी वेतनवृद्धि गणना की त्रुटि की राशि ग्रेज्यूटी से काटे जाने का मामला रेलमंत्री के संज्ञान में दिया गया। मामला उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद ऐसी ही रिकवरी को लेकर और भी रिटायर्ड व कर्मचारी लामबंद होने लगे है। रेलमंत्री ने मामले को गंभीर मानकर उचित कार्रवाई के लिए आश्वस्त किया। रेलमंत्री को रतलाम रेल मंडल के लोको पायलट सहित अन्य कर्मचारियों की समस्याओं से भी अवगत कराया गया।
मालूम हो कि डिप्टी सीटीआई अनिल उपाध्याय की 10 साल पहले लगाई वेतनवृद्धि की गलत गणना के बाद कर्मचारी के रिटायर्डमेंट के दौरान भुगतान की गई ग्रेज्यूटी की राशि से 1.73 लाख रुपए की रिकवरी कर गई थी। जबकि करीब डेढ साल पहले ही विभाग ने गलत मानी तथा रिकवरी के आदेश भी दिए थे। लेकिन उस दौरान भी जिम्मेदार बाबू ने रिकवरी नहीं की। इसे लेकर डिप्टी सीटीआई ने स्वयं आवाज उठाई है।

कांधे पर हाथ रखकर सुनी समस्याएं:- शनिवार को रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव दाहोद दौरे पर आए थे। इस दौरान पश्चिम रेलवे कर्मचारी परिषद के जोनल संगठन मंत्री शिवलहरी शर्मा सहित कार्यकर्ताओं ने उनसे मुलाकात की। रेलमंत्री को तीन मेमोरंडम दिए गए। इसमें डिप्टी सीटीआई उपाध्याय को लेकर पृथक से मेमेरंडम दिया गया। रेल मंत्री ने शर्मा के कांधे पर हाथ रखकर पूरी समस्या सुनी।
मामले में जोनल संगठन मंत्री शर्मा ने रेलमंत्री को दिए मेमोरंडम में लोको पायलट, चेकिंग कर्मचारी की मांगों को लेकर भी ध्यानाकर्षण कराया गया है। इस पर मंत्री ने तुरंत ही मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया।
कर्मचारी व रिटायर्ड होने लगे लामबंद:-वेतनवृद्धि की गलत गणना व समय पर रिकवरी न कर इसे ग्रेज्यूटी से राशि काटने के अब और भी मामले सामने आने लगे है। ऐसे में वे भी लामबंद होने लगे है। इधर उपाध्याय के मामले में वेतनमान 9300-34800-4200 के तहत 20.2.2015 को उनकी पदोन्नति हुई थी। तब विभाग ने वेतनवृद्धि 15490 रुपए के स्थान पर 15550 रुपए कर दी। यह त्रूटिपूर्ण गणना का भुगतान 10 साल तक यानी कर्मचारी के रिटायरमेंट वर्ष 2024 तक किया जाता रहा है। हालांकि डेढ साल पहले विभाग को त्रूटि की जानकारी लगी। लेकिन डिप्टी सीटीआई उपाध्याय 31 अगस्त 2024 को रिटायर हुआ। तब ग्रेज्यूटी से 1.73 लाख रुपए काट ली। बताया जा रहा है कि जो कर्मचारी एक या दो साल में रिटायर्ड होने वाले है। उन्हें भी करीब 3 लाख रुपए तक की रिकवरी का नोटिस विभाग द्वारा देकर सूचना दी गई है। ऐसे में वे भी दबे-छिपे विरोध में जुट गए हैं।
