-रतलाम प्रॉपर्टी व्यवसायी संघ की प्रेस कॉन्फ्रेंस: जमीनों के नामांतरण के लिए 56-57 के रिकॉर्ड और विभाजित प्लाट की समस्या
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रतलाम जिला प्रॉपर्टी व्यावसायिक संघ के पदाधिकारी ने शनिवार को प्रशासनिक सिस्टम पर भ्रष्टाचार के खूब आरोप लगाए। प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि रतलाम में नपती, नामांकन और रजिस्ट्री तक में भ्रष्टाचार चरम पर है। नामांतरण के 2 लाख सहित अन्य कामों में बगैर भेटपुजा के काम नहीं हो रहे है। 56-57 की जमीनों के नामांतरण और विभाजित प्लाट की समस्या भी है। ऐसे में 7 मार्च से आंदोनात्मक रूख अपनाने का निर्णय भी लिया है।
दरअसल रतलाम जिला प्रॉपर्टी व्यवसाय संघ द्वारा सैलाना रोड स्थित गार्डन के हाल में प्रॉपर्टी व्यवसाय में आ रही समस्याओं को लेकर सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडिया से चर्चा की गई। प्रेस कॉन्फ्रेंस में संघ के अध्यक्ष राकेश पीपाड़ा एवं उपस्थित प्रॉपर्टी व्यवसायियों ने कहा कि समस्त जिले के प्रॉपर्टी व्यवसाईयों को एकजुट कर जिला प्रॉपर्टी व्यावसायिक संघ का गठन किया गया है जो प्रॉपर्टी व्यवसायियों के हितों के लिए संघर्ष करेगा।
पसंघ के अध्यक्ष पीपाड़ा ने कहा कि आज प्रॉपर्टी व्यवसाय संघ का प्रथम सम्मेलन आयोजित हुआ। हमारी मुख्य मांग वर्ष 1956-57 की जमीनों के नामांतरण पर लगी रोक हटाने और विभाजित प्लाट की समस्या का निराकरण की है।
जिले में जमीनों का विक्रय होने के बाद वर्ष 56-57 के रिकॉर्ड को लेकर नामांतरण रोके जा रहे हैं। जबकि ऐसे आदेश केवल मौखिक ही दिए जा रहे है। वही ऐसे नियम प्रदेश के अन्य किसी शहर में लागू नहीं है। एक मौखिक आदेश पर पिछले 3 सालों से 56-57 का रिकॉर्ड अनिवार्य कर दिया गया है। जिसके चलते लगभग 1 हजार नामांतरण पेंडिंग पड़े हुए हैं। हमने इसको लेकर जिले के सभी जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन भी दिए लेकिन कोई हल नहीं निकला।
पीपाड़ा ने कहा कि विभाजित प्लाट की समस्या भी बड़ा मुद्दा है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा सार्वजनिक रूप से घोषणा की गई थी कि विभाजित प्लाट की समस्या का निराकरण किया जाएगा लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ।
इसके अलावा हर वर्ष प्रॉपर्टी गाइडलाइन बढ़ाने को लेकर भी हमारा विरोध है। कई क्षेत्र में पहले से ही अत्यधिक गाइडलाइन लागू है जिस कम किया जाना चाहिए।
खुलकर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीपाड़ा ने रतलाम में नपती, नामांतरण रजिस्ट्री सभी में भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। नपती के 1 लाख रुपए, नामांतरण के 2 लाख रुपए मांगे जा रहे हैं। हमने आज सम्मेलन में निर्णय लिया है कि आगे से संघ का कोई भी व्यवसायी 1 रूपए की भी रिश्वत नहीं देगा।
7 तारीख को होगा आंदोलन
प्रेस कॉन्फ्रेंस में संघ ने बताया कि इन समस्याओं को लेकर 7 मार्च को जिला प्रॉपर्टी व्यावसायिक संघ पूरे जिले में धरना प्रदर्शन और आंदोलन करेगा और उसके बाद जिला प्रशासन को ज्ञापन दिया जाएगा।
इस अवसर पर राजेश जैन,हेमंत कोठारी, महेश त्रिपाठी, नंदू शर्मा, बाकीर अली आदि मौजूद रहे।
