अपहरण के आरोप में जेल में बंद सुधाकर मराठा को चार माह बाद मिली जमानत, छूटते वक्त जेल परिसर के बाहर कड़ी सुरक्षा
-6 सितंबर 2024 को जितेंद्र राठौर के आवेदन पर सुधाकर सहित 7 लोगों पर हुई थी एफआईआर।
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। अपहरण सहित मारपीट व फिरौती के आरोप में जिला जेल में बंद गेंगस्टर सुधाकर राव मराठा की शनिवार शाम 5 बजे कोर्ट से जमानत मंजूर कर दी गई। कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच मराठा को जेल से बाहर लाया गया। इस प्रकरण में छह आरोपियों को पूर्व में ही जमानत दे दी गई थी।
मामले की होटल व्यवसायी जितेंद्र राठौड़ की शिकायत पर स्टेशन रोड पुलिस थाना में सुधाकर के अलावा सुनील दुबे, चंदू शिवानी, सनी शिवानी, रवि डफ़रिया, मनोज वर्मा, नटवर पाटिल पर अपहरण, मारपीट व फिरौती के आरोप में प्रकरण दर्ज किया गया था। हाई प्रोफाइल मामले को देखते तत्कालीन एसपी राहुल लोढ़ा ने स्वयं थाने पहुंचकर मामले को संज्ञान में लेकर कार्रवाई करवाई थी। देर राह इन्हें हिरासत में लिया गया था। इसके बाद कोर्ट से इन्हें जेल भेज दिया गया था।
मामले की दुबे सहित तीन अन्य को 13 सितंबर 2024 में ही जमानत मंजूर हो गई थी। जबकि सुधाकर के मामले में पिछले माह चालान पेश किया गया है। हाईकोर्ट से 45 दिन की लिबर्टी की मियाद पूरी होने के बाद सुधाकर के वकील सुनील लखोटिया द्वारा जमानत की अर्जी कोर्ट में लगाई गई। शनिवार शाम को जमानत के ऑर्डर जारी किए गए।
मालूम हो कि होटल व्यवसायी जितेंद्र राठौड़ पर भी चेक बाउंस मामले ज्वेलर्स द्वारा दर्ज कराए प्रकरण के बाद कोर्ट द्वारा 3 माह की सजा सुनाई है।
गेंगस्टर से सामाजिक कामों में सक्रिय भागीदारी भी रोचक पहलू
अपनी आपराधिक पृष्ठभूमि को राष्ट्रवाद से जोड़ने वाले सुधाकर के सामाजिक कामों में सक्रिय होना भी रोचक पहलू है। पूर्व में इंदौर के कारोबारी संदीप तेल हत्याकांड मामले में जमानत पर छूटने बाद से सुधाकर ने क्रांतिकारियों की जयंती व पुण्यतिथि पर आयोजन किए। इंदौर, उज्जैन, देवास में रैलियां निकाली। साथ ही रतलाम में खाटूश्यामजी भजन संध्या भी करवाई। रतलाम जेल में रहते आत्मकथा भी लिखना शुरू की थी। इधर, शनिवार को जेल से बाहर आने के बाद सुधाकर समर्थकों के साथ गणेश चतुर्थी के दौरान हुए विवाद में मृत युवक प्रकाश मईड़ा के घर गए। परिजनों ने इन्हें आपबीती सुनाई। मामले में ठोस कार्रवाई न होने की भी पीड़ा जताई गई।
