– संगठन को इनफॉर्मल मीटिंग सहित अन्य सुविधाएं मिलने लगेगी।
न्यूज जंक्शन-18
रतलाम। पश्चिम रेलवे जोन में रतलाम सहित अन्य मंडलों में मान्यता के चुनाव में खासा प्रभाव दिखाने वाली भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) को रेलवे बोर्ड से इस बार मान्यता मिल गई है। इस मंजूरी से बीएमएस से संबंधित संगठन पश्चिम रेलवे कर्मचारी परिषद को भी अब सुविधाएं मिलने लगेगी। इस फैसले से रतलाम मंडल में परिषद के पदाधिकारियों में हर्ष व्याप्त है। वे इसे चुनाव में कर्मचारियों का उनके संगठन के प्रति विश्वास का प्रतिफल बता रहे हैं।
परिषद के जोनल संगठन मंत्री शिवलहरी शर्मा ने इसके बारे में जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय रेल पर तीसरा सबसे बड़ा महासंघ होने कारण रेलवे बोर्ड के प्रधान कार्यकारी निदेशक (औद्योगिक) ने पत्र जारी किया है। इसमें भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारियों को इनफॉर्मल मीटिंग एवं रेलवे बोर्ड कार्यालय की सुविधा मिलने का उल्लेख किया गया है।
शर्मा ने कहा कि भारतीय रेलवे मजदूर संघ व पश्चिम रेलवे कर्मचारी परिषद ने मान्यता के चुनाव में भारतीय रेलवे स्तर पर तीसरे स्तर पर मुकाम बनाया है। जबकि कई मंडलों में पहले, दूसरे व तीसरे स्थान पर भी रही है। रतलाम मंडल में भी परिषद ने बेहतर प्रदर्शन के आधार पर दूसरा स्थान प्राप्त किया था। यह कर्मचारियों के भरोसे की जीत है। रेलवे बोर्ड से सुविधाएं मिलने से हमारा संगठन रेलवे कर्मचारियों के हक को बुलंद तरीके से उठा सकेगा।
दूसरे नंबर पर रही परिषद को मिले थे 3534 मत:- मान्यता के चुनाव में कर्मचारी परिषद रतलाम मंडल में बेहतर प्रदर्शन के आधार पर दूसरे स्थान पर रही थी। 11417 कुल वैध मत डाले गए थे। इसमें से मजदूर संघ को 4510 वोट मिले। मजदूर संघ ने 976 वोट से जीत मिली। पश्चिम रेलवे कर्मचारी परिषद 3534 मतों के साथ दूसरे नंबर पर रही। वहीं वेस्टर्न रेलवे एम्प्लाइज यूनियन को 3033 रनों से तीसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा। हालांकि जोन में मिली लीड से यूनियन को मान्यता जरूर मिल गई है। लेकिन दूसरे नंबर पर रही परिषद को भी अब कुछ हद तक मान्यता जैसी सुविधाएं मिलने लगेगी।
यह भी मिल सकती है सुविधा
-रेलवे बोर्ड स्तर पर भारतीय रेलवे मजदूर संघ को कक्ष दिया जाएगा।
-यहां से संगठन की कर्मचारी हित से जुड़ी गतिविधियां संचालित की जा सकेगी।
-संघ सूचना देकर रेलवे परिसर में कर्मचारियों की मांगों प्रदर्शन कर सकेगा।
-अधिकारी स्तर पर अब मेलजोल व बैठकों को लेकर अनदेखी नहीं की जा सकेगी।
