-अपयार्ड ने उसी स्थान पर हुआ मॉकड्रिल, जहां पूर्व डीजल से भरी मालगाड़ी पलटी थी।
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। दुर्घटना में किस तरह से बचाव व राहत दी जा सकती है, इसे लेकर एनडीआरफ (नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स) ने रतलाम में रेल दुर्घटना को लेकर मॉकड्रिल किया। इसके लिए हूबहू दुर्घटना का सीन तैयार किया। बल्कि आपात स्थिति में बचाव की पूरी तैयारियों के मुताबिक काम किया गया। मौके पर डीआरएम, कलेक्टर, एसपी सहित अन्य अधिकारी व रेल अमला मौजूद रहा।
बता दें कि रेलवे में हर दो साल में एनडीआरफ टीम की मॉकड्रिल का शेड्यूल रहता है। इससे रेलवे से जुड़ी अनुभवहीनता व कमियों को दूर किया जा सकें।
दरअसल पिछले माह नामली सेक्शन में रेलवे द्वारा मॉकड्रिल किया गया था। लेकिन कचनारा के आसपास टीम को मॉकड्रिल की सूचना देकर बुला लिया गया था। इसी तरह पिछले दिनों में भी मॉकड्रिल किया गया था। मेडिकल सूत्र बताते है कि मेडिकल टीम में 10 से 12 फार्मासिस्ट साथ चल दिए थे। जबकि शेड्यूल में फार्मासिस्ट की ज्यादा आवश्यकता नहीं रहती है।

हालांकि एनडीआरफ की मॉकड्रिल में सभी टीमों को बुलाया गया था। इतना ही नहीं टीम के साथ मुंबई के विशेष टूर पर जाने वाले सिविल डिफेंस प्रभारी भी मौके पर डीआरएकी निगरानी के समक्ष तैनात रहे।
पूरे शेड्यूल में डीआरएम रजनीश कुमार, कलेक्टर राजेश बाथम, एसपी अमित कुमार मौजूद रहे।
