गरीब रथ एक्सप्रेस में टीटीई से मारपीट मामला….जीआरपी की ढिलाई, एक भी यात्री को नहीं उतारा, नामजद एफआईआर नही, नाराज टीटीई ने रतलाम में रोकी ट्रेन
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। निज़ामुद्दीन-बांद्रा गरीब रथ एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12910) में चेकिंग के दौरान रतलाम-वडोदरा के बीच ऑन-ड्यूटी टीटीई बसंत अहलावत पर यात्री वकीलों द्वारा जानलेवा हमला करने के बाद जीआरपी वड़ोदरा की कार्रवाई ने सवाल खड़े कर दिए है। घटना के बाद जीआरपी द्वारा गिरफ्तारी न किए जाने से नाराज टीटीई ने रतलाम स्टेशन पर ट्रेन रोककर अपने स्तर पर विरोध जताया। रतलाम पहुंचे टीटीई ने रविवार को यात्री ट्रेन रोक दी। बाद में स्टेशन पहुंचे एसीएम द्वारा टीटीई को समझाईश दी। इसके बाद ट्रेन रवाना हुई।
शनिवार को गरीब रथ एक्सप्रेस में टीटीई बसंत अहलावत की ड्यूटी कोच जी-17 और जी-18 में थी। रतलाम से ट्रेन रवाना होने के बाद कोच जी-16 में एक यात्री लगातार सीटी बजा रहा था। टीटीई बसंत द्वारा मना करने पर उक्त यात्री ने अपने वकील साथियों को बुला लिया।

इसके बाद आरोपी यात्री टीटीई को खींचकर कोच जी-12 में ले गए, जहां उन्होंने लाइट बंद कर टीटीई पर जानलेवा हमला कर दिया। मारपीट में टीटीई बसंत की नाक और आंख से खून बहने लगा और उनका एक दांत भी टूट गया। आरोपियों ने उन्हें चलती ट्रेन से नीचे फेंकने की धमकी दी और उनकी ईएफटी (EFT) बुक भी छीन ली। वडोदरा स्टेशन पर रेलवे अधिकारियों ने घायल टीटीई को ट्रेन से उतारा, लेकिन मारपीट करने वाले किसी भी आरोपी यात्री को नहीं पकड़ा गया।
एक भी यात्री को नही उतारा:- वडोदरा जीआरपी ने मामला दर्ज कर रतलाम ट्रांसफर कर दिया, लेकिन ट्रेन के बांद्रा पहुँचने तक आरोपियों पर कोई कार्रवाई या गिरफ्तारी नहीं हुई। एक भी यात्री को नही उतारने से मामला नामज़द नही किया गया। इस लापरवाही से आक्रोषित टीटीई बसंत ने रविवार सुबह 11:47 बजे रतलाम स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 4 पर आई गाड़ी संख्या 09402 मालदा टाउन-अहमदाबाद स्पेशल की चेन पुलिंग कर उसे रोक दिया। उनका कहना था कि जब तक वरिष्ठ अधिकारी मौके पर आकर उनकी बात नहीं सुनते। वे ट्रेन नहीं जाने देंगे। साथी सीटीआई महेंद्र गौतम, प्रमोद व्यास और आरपी जवानों के समझाने के बाद भी वे डटे रहे। बाद में एसीएम राजेश तन्ना, राजीव पाठक तथा सीटीआई स्लीपर मोहन जोशी मौके पर पहुंचे। टीटीई वसंत को वीआईपी रूम में ले जाकर पूरी जानकारी ली। मुंबई मुख्यालय से बात कर सख्त कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद दोपहर 12:48 बजे ट्रेन रवाना हो सकी।

जीआरपी थाना प्रभारी सोहनलाल पाटीदार के अनुसार, वडोदरा से एफआईआर के पहले कुछ यात्रियों को उतारा होता तो कार्रवाई नामजद होती। केस रतलाम जीआरपी को प्राप्त होने के बाद अब साक्ष्यों (सीसीटीवी फुटेज व बयानों) के आधार पर आरोपियों की पहचान कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
