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ट्रेनों में ड्यूटी का खेल….मनमानी का आरोप, चहेते TTE की फिक्स ड्यूटी पर अंतर्कलह, गरमाने लगा मनमानी का मुद्दा

न्यूज़ जंक्शन- 18
रतलाम। पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल में ट्रेनों की चेकिंग ड्यूटी को लेकर सीटीआई ऑफिस और टीटीई स्टाफ के बीच खींचतान अब खुलकर सामने आने लगी है। आरोप है कि रोस्टर नियमों को ताक पर रखकर चहेते रेलकर्मियों को चुनिंदा ट्रेनों में मनमाने ढंग से ड्यूटी दी जा रही है। निजी हित तथा आर्थिक लाभ के गठजोड़ में अन्य टीटीई को ड्यूटी का नुकसान होने लगा। हालांकि प्रभारी में नुकसान को देखते हुए तबादले की नेमनोटिंग लगाई गई हैं। इससे कि ट्रेनों में दोबारा वर्किंग शुरू होने से निजी खर्च के स्त्रोत निर्मित हो सके।
रोस्टर में हेरफेर और ‘फिक्स’ चेकिंग का आरोप- स्टाफ द्वारा लगाए जा रहे आरोपों के मुताबिक, ट्रेनों में ड्यूटी का आवंटन तय रोस्टर प्रणाली के तहत न होकर पूरी तरह से इंचार्ज की व्यक्तिगत पसंद-नापसंद पर निर्भर हो चुका है।

शून्य सीरीज वाली ट्रेनों का खेल:- आम तौर पर चेकिंग स्टाफ बिरादरी में शून्य सीरीज वाली ट्रेनों में ड्यूटी की विशेष चाह रहती है। यही वजह है कि इन ट्रेनों में ड्यूटी के लिए लॉलीपॉप प्रणाली से सभी को लाभ मिलना है। इसलिए इन ट्रेनों में चुनिंदा कर्मचारियों को ही ड्यूटी का लाभ दिया जा रहा है। दरअसल इन ट्रेनों में केवल एक ही कर्मचारी की डयूटी रहती है। साथ ही विजिलेंस का भी भय नही रहता है। 30 फीसदी किराया अधिक होने से कई बगैर टिकिट, अपर्याप्त टिकिट व बगैर टिकिट वाले यात्री जांच में सामने आते है। इनसे उगाही का सीधा फ़ायदा तो है ही, दूसरा लाभ सांठगांठ के तहत पिछले मंडल से यात्रियों की पासिंग से रहता है। लगभग आधे हिस्से की साझेदारी की GMH (ऊपरी कमाई का चेकिंग स्टाफ में कोडवर्ड) मिलना तय रहता है। इसलिए इन ट्रेनों की ड्यूटी को लेकर भी सांठगांठ के आरोप लगने लगे है। शून्य सीरीज वाली स्पेशल ट्रेनों में पसंदीदा कर्मचारी ही ड्यूटी कर रहे है।

स्टाफ में नाराजगी:- ड्यूटी आवंटन में निष्पक्षता न होने से अन्य रेलकर्मियों में भारी नाराजगी है। स्टाफ का कहना है कि यदि रोस्टर के अनुसार पारदर्शी तरीके से बुकिंग नहीं की गई। तब इससे न केवल कर्मचारियों का मनोबल गिरेगा। बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठते रहेंगे। इस मामले में अब वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप और निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। इधर जनसंपर्क से जानकारी दी गई कि चेकिंग कर्मचारियों से नियमों के तहत ही ड्यूटी कराई जाती है।

आरोपो की बिंदुवार जानकारी

0-सीरीज की स्पेशल ट्रेनें बने आकर्षण का केंद्र: आरोप है कि विशेष रूप से ‘0’ नंबर से चलने वाली स्पेशल ट्रेनों में चुनिंदा टीटीई की ही ड्यूटी फिक्स कर दी गई है।
– चुनिंदा ट्रेनों में बार-बार मौका: सामान्य और व्यस्त रूट की प्रीमियम ट्रेनों में लगातार कुछ खास कर्मचारियों को ही चेकिंग की जिम्मेदारी दी जा रही है, जबकि अन्य कर्मचारियों को किनारे किया जा रहा है।
– पारदर्शिता पर सवाल: पारदर्शी रोस्टर व्यवस्था के उल्लंघन से चेकिंग स्टाफ में असंतोष की लहर है।

नोट:- अगली कड़ी की न्यूज में ड्यूटी की अनियमितता को लेकर ट्रेनों के नाम तथा तय कर्मचारियों के नाम भी उजागर किए जाएंगे।

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