गोवा एक्सप्रेस की चपेट में आई ट्रॉली हादसे में दूसरे ट्रॉलीमैन की भी मौत, सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम रेल मंडल में शुक्रवार सुबह मक्सी रेलवे स्टेशन के पास हादसे में दूसरे ट्रॉलीमैन की भी मौत हो गई। इस क्षेत्र में पटरियों पर रखरखाव और जांच कार्य में लगी इंजीनियरिंग विभाग की पुश ट्रॉली को हज़रत निज़ामूद्दीन से वास्को-डी-गामा जा रही ट्रेन संख्या 12780 (गोवा एक्सप्रेस) ने जोरदार टक्कर मार दी। दोनों कर्मचारियों के फ़ोटो वायरल कर अन्य कर्मचारी सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि अर्पित कर जिम्मेदारों के खिलाफ रोष भी जता रहे है।
डायवर्टेड रूट से ट्रेन गुजरते वक्त ट्रैक पर मौजूद इंजीनियरिंग पुश ट्रॉली के साथ चार ट्रैकमैन, एक सेक्शन पीडब्ल्यूआई सत्यजीत और एक सेक्शन पीडब्ल्यूआई प्रभारी मौजूद थे। ट्रेन के लोको पायलट ने हॉर्न भी बजाया था, लेकिन ट्रेन की गति अत्यधिक होने और तेज रफ्तार होने के कारण कर्मचारी समय रहते पटरी से ट्रॉली नहीं हटा पाए, जिससे यह गंभीर दुर्घटना घट गई। हादसा होते ही मौके पर हड़कंप मच गया और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
इस भीषण टक्कर में ट्रॉलीमैन भगवान सिंह बिलमा की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो है। जबकि हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए दिलीप जायसवाल (जिनका पैर कट गया था) को पहले मक्सी के अस्पताल में और बाद में उज्जैन रेफर किया गया। इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई। इस प्रकार इस हादसे में मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर दो हो गई। दिलीप जायसवाल के साथ अन्य घायल कर्मचारियों विक्रम और सद्दाम को भी मक्सी अस्पताल से उज्जैन रेफर किया गया है, जहाँ उनका इलाज जारी है। इसके अलावा चार अन्य ट्रॉलीमैन भी घायल बताए जा रहे हैं। टीम लीडर मनोज वर्मा समय रहते ट्रॉली से कूदकर अपनी जान बचाने में कामयाब रहे।
रेलवे प्रशासन द्वारा मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जिसमें यह जांच की जा रही है कि ट्रॉली को ट्रैक पर लाने से पहले ब्लॉक या सिग्नल से जुड़ी सुरक्षा प्रक्रियाओं का सही से पालन किया गया था या नहीं। मामले में जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया था कि मक्सी में गोवा एक्सप्रेस हादसे की गहराई से जांच कराई जा रही है। इस बड़ी लापरवाही के बाद मंडल के बड़े अधिकारियों पर तबादले और कार्रवाई की गाज गिरना तय माना जा रहा है।
