सेजावता-बंजली क्रासिंग गेट हादसा: रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल, आज पीसीएसओ घटनास्थल का मुआयना करेंगे
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। शहर के सेजावता-बंजली बायपास क्षेत्र स्थित रेलवे फाटक पर गुरुवार रात वलसाड-हिसार पैसेंजर ट्रेन और कार के बीच टक्कर हुई। क्रासिंग गेट पर निजी एजेंसी के कर्मचारियों की नियुक्ति की योजना ने रेलवे की प्रमुख जिम्मेदारी यानी ‘सेफ़्टी’ (संरक्षा) को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हालांकि गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई और कार चालक सुरक्षित बच गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। इस घटना के सामने आने के बाद रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया है। मंडल रेल प्रबंधक ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं। जबकि पश्चिम रेलवे पीसीएसओ कुशलसिंह शुक्रवार को रतलाम पहुंचकर घटनास्थल का मौका मुआयना करेंगे।
213 रेलवे क्रासिंग, अधिकांश पर आउटसोर्सिंग का पहरा:- रतलाम मंडल के अंतर्गत कुल 213 रेलवे क्रासिंग गेट आते हैं। इनमें से अधिकांश क्रासिंग पर आउटसोर्सिंग के माध्यम से एक्स-आर्मीमेन (पूर्व सैनिकों) को गेटमैन के रूप में नियुक्त किया गया है। लेकिन इस घटना के बाद से इनकी कार्यप्रणाली, निगरानी व्यवस्था और सुरक्षा दावों की पोल खुलकर सामने आ गई है। घटना के बाद एजेंसी तथा गेटमैन पर कार्रवाई होगी। यह बड़ा विषय नहीं है। क्योंकि ये रेलवे के सीधे तौर पर कर्मचारी नहीं होने से सर्विस रिकार्ड सहित देयकों संबंधित कोई नुकसान रेलवे के हाथ मे नहीं है।
कैसे हुआ हादसा? (गुरुवार रात की घटना):- प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती जानकारी के अनुसार, गुरुवार रात बंजली रेलवे फाटक संख्या 192 पर ट्रेन के गुजरने के लिए फाटक बंद किया जा रहा था। इसी दौरान एक कार रेलवे ट्रैक और फाटक के बीच आ फंसी। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब वलसाड-हिसार पैसेंजर ट्रेन (ट्रेन संख्या 04728) वहां से गुजरी और ट्रैक पर मौजूद कार से उसकी जोरदार टक्कर हो गई।
राहत की बात यह रही कि ट्रेन की रफ्तार अपेक्षाकृत कम थी, जिसके कारण टक्कर का प्रभाव सीमित रहा। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि कार चालक समय रहते गाड़ी से बाहर नहीं निकलता या टक्कर के बाद कार दूर छिटकने के बजाय इंजन में फंस जाती। तब यह हादसा और भी अधिक भयानक रूप ले सकता था।
नशे के वायरल वीडियो और डीआरएम का बयान:- हादसे के बाद सोशल मीडिया पर गेटमैन के नशे में होने के दावे वाले वीडियो भी तेजी से वायरल होने लगे, हालांकि ‘न्यूज़ जंक्शन’ इन वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं करता है।
मामले में रेलवे डीआरएम अश्वनी कुमार द्वारा अधिकृत बयान सामने आया है कि “जब गेट बंद हो रहे थे, तभी कार गेट के अंदर घुस गई।”
उच्चस्तरीय जांच के आदेश:- घटना की गंभीरता को देखते हुए रतलाम रेल मंडल के आला अधिकारी तुरंत सक्रिय हो गए। डीआरएम द्वारा इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के संकेत दिए गए हैं। रेलवे प्रशासन और स्थानीय पुलिस अब यह संयुक्त रूप से पता लगाने में जुटी है कि किन परिस्थितियों में कार ट्रैक पर आई और दुर्घटना की नौबत बनी। आधिकारिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी, बहरहाल इस घटना ने रेलवे क्रॉसिंग पर सुरक्षा मानकों को और अधिक सख्त करने की आवश्यकता को उजागर कर दिया है। इधर, पश्चिम रेलवे के पीसीएसओ कुशलसिंह शुक्रवार को रतलाम पहुंचकर घटनास्थल का मौका मुआयना करेंगे।
