कोटा-रतलाम रनिंग स्टाफ विवाद: रतलाम के लोको पायलटों को नहीं चलाने दे रहे ट्रेनें, यूनियन ने मंडल रेल प्रबंधक को सौंपा ज्ञापन

रतलाम (न्यूज़ जंक्शन-18)। रतलाम और कोटा रेल मंडल के बीच रनिंग कर्मचारियों के वर्किंग अधिकार को लेकर चल रहा विवाद लगातार गहराता जा रहा है। महाप्रबंधक (चर्चगेट) के स्पष्ट आदेशों के बावजूद कोटा मंडल की मनमानी के विरोध में वेस्टर्न रेलवे एम्प्लाइज यूनियन (WREU) ने मोर्चा खोल दिया है।
यूनियन के मंडल अध्यक्ष ह्रदेश पांडे और मंडल मंत्री मनोहर सिंह बारठ के नेतृत्व में रनिंग स्टाफ ने पहले तो मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के बाहर उग्र प्रदर्शन किया। इसके बाद मंडल रेल प्रबंधक अश्विनी कुमार को उनके कक्ष में एक ज्ञापन सौंपा।

अमृत भारत एक्सप्रेस के संचालन पर रोका:- विवाद का ताजा मामला 24 अगस्त का है। जब नई गाड़ी ‘अमृत भारत’ (20437) का संचालन कोटा से रतलाम के बीच रतलाम मंडल के लोको पायलट को करना था। हालांकि, कोटा मंडल ने रतलाम के लोको पायलटों को इस गाड़ी का संचालन करने से रोक दिया।
11 ट्रेनों के संचालन का विवाद:- महाप्रबंधक कार्यालय (चर्चगेट) द्वारा कुल 11 ट्रेनों के संचालन का अधिकार रतलाम मंडल को दिया गया है। लेकिन कोटा मंडल हठधर्मिता दिखाते हुए अपने लोको पायलटों से ही इनका संचालन करवा रहा है। जब भी रतलाम मंडल का लोको पायलट कोटा जाता है, तो उसे गाड़ी नहीं दी जाती।

– प्रभावित ट्रेनें: 12938, 12940, 22210, 21908, 15085, 20437, 12946, 22544, 14723, 22939 और 22142।
प्रमोशन और शेड्यूल पर बुरा असर- यूनियन प्रतिनिधियों ने बताया कि कोटा मंडल की इस मनमानी की वजह से रतलाम मंडल के कर्मचारियों के प्रमोशन प्रभावित हो रहे हैं। इसके साथ ही मंडल द्वारा तैयार किए जाने वाले ड्यूटी शेड्यूल में भी भारी अव्यवस्था पैदा हो रही है।
निराकरण का मिला आश्वासन:- ज्ञापन लेने के बाद मंडल रेल प्रबंधक अश्वनी कुमार ने यूनियन को आश्वासन दिया कि कोटा मंडल से जुड़े इस सीमा विवाद और रनिंग स्टाफ की समस्याओं का शीघ्र ही निराकरण किया जाएगा।
इस प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान यांत्रिक शाखा सचिव कुलदीप चौहान, मंडल कार्यालय शाखा सचिव व मंडल प्रवक्ता अशोक तिवारी, मंडल युवा समिति सचिव बेनी प्रसाद मीणा, जैसी बैंक के पूर्व डायरेक्टर वाजिद खान, एसबीएफ मेंबर पीयूष व्यास, आशीष यादव सहित बड़ी संख्या में रनिंग कर्मचारी मौजूद रहे।
