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इसलिए सीपीआर देना सीखना जरूरी है….रेलकर्मी जीशान अली बने देवदूत, सीपीआर देकर बचाई यात्री की जान

न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम/इंदौर। हार्ट अटैक से फौरन राहत के लिए हर किसी व्यक्ति को मरीज के जीवनदान के लिए सीपीआर देना सीखना चाहिए। यह प्राथमिक उपचार की तकनीक मरीज की जान बचाने में कारगर भी साबित हुई। ऐसा नज़ारा 7 अगस्त शुक्रवार सुबह इंदौर स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर देखने में आया। जब अचानक एक यात्री गिर पड़ता है। सांसें रुकने लगती हैं और चारों तरफ घबराहट फैल जाती है। ऐसे नाजुक वक्त में एक रेलवे कर्मचारी की सूझबूझ और हिम्मत ने मौत के मुंह में समा रहे यात्री को नई जिंदगी दे दी।


​प्लेटफार्म पर ट्रेन 14802 इंदौर-जोधपुर एक्सप्रेस खड़ी थी। इंदौर से अजमेर जाने के लिए स्टेशन पर पहुंचे यात्री मनोज वर्मा जैसे ही ट्रेन में SE2 कोच में अपनी सीट नंबर 20 पर जाकर बैठे। तभी वे अचानक लड़खड़ाकर गिर पड़े। उन्हें सांस लेने में भारी तकलीफ होने लगी। यह देख कोच में सवार यात्रियों ने शोर मचाना शुरू कर दिया, जिससे स्टेशन पर हड़कंप मच गया।

5 से 10 मिनिट के परिश्रम से लौटी सांसे:- तभी प्लेटफार्म पर ड्यूटी पर तैनात इलेक्ट्रिक पावर विभाग के टेक्नीशियन सैय्यद जीशान अली दौड़कर वहां पहुंचे। उन्होंने मनोज को ‘अंकल जी, अंकल जी’ कहकर उठाने की कोशिश की। मरीज की हालत देखकर जीशान तुरंत समझ गए कि यह हार्ट अटैक है और सांसें थम रही हैं।
बिना एक पल गंवाए जीशान ने मनोज को तुरंत छाती पर दबाव देकर सीपीआर (CPR) देना शुरू किया। वह यात्री को चेतन रखने के लिए लगातार कहते रहे कि सांस लो, सांस लो…। जीशान लगभग 5 से 10 मिनट तक लगातार सीपीआर देते रहे। उनकी इस अथक कोशिश से आखिरकार मनोज की उखड़ी हुई सांसें लौट आईं।

मोबाइल से सीखी सीपीआर (CPR) आई काम:- होश में आने पर मनोज ने खुद फोन का लॉक खोलकर अपने परिवार को सूचना दी। जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। मनोज के परिजनों ने स्टेशन पहुंचकर जीशान को गले से लगा लिया और भावुक होकर धन्यवाद दिया।
सुबह साढ़े चार बजे प्लेटफार्म पर मौजूद यात्रियों ने तालियां बजाकर जीशान की दिलेरी और सूझबूझ की सराहना की। अपनी 13 साल की नौकरी में पहली बार ऐसा अनुभव करने वाले जीशान की इस बहादुरी पर उनके विभाग के इंचार्ज हंसराज मीणा ने उन्हें रेलवे प्रशासन की ओर से उचित इनाम दिलाने की बात कही है।
इधर, जीशान ने कहा कि मैंने कभी मोबाइल में देखा था कि हार्ट अटैक आने पर सीपीआर कैसे दिया जाता है। उस वक्त जो सही लगा, मैंने बस वही किया। जीशान के मुताबिक यात्री मनोज पूरी तरह ठीक है।

परिजन बोले- भगवान बनकर आया रेलवे कर्मचारी:- इस घटनाक्रम में न्यूज़ जंक्शन-18 को यात्री के बेटे महेंद्र वर्मा ने बताया कि पिताजी को इंदौर ही उतार लिया। हम इन्हें निजी अस्पताल लाए। डॉक्टर ने साइलेंट अटैक की पुष्टि की है। ब्लॉकेज बताए है। जांच के बाद डॉक्टर के सुझाव के बाद एंजियोप्लास्टी करवाना पड़ेगी। यात्री के छोटे भाई भरत वर्मा ने कहा कि रेलवे कर्मचारी यदि मौके ओर नहीं आता तो हमारे भाई की जान चली जाती। वह हमारे लिए भगवान बनकर आया है।

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