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रेलवे की मूल्यवान रत्न…36 साल तक स्काउट अनुशासन, हंसमुख व्यवहार व कुशल कार्यशैली की पर्याय बनी रही माणिक

न्यूज जंक्शन-18
रतलाम। भारतीय रेलवे में अपनी कर्तव्यनिष्ठा और कला के दम पर एक अलग पहचान बनाने वालीं वरिष्ठ रेल कर्मचारी श्रीमती माणिक व्यास आज 36 वर्षों की लंबी और गौरवशाली सेवा के बाद सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) हो गईं। स्काउट अनुशासन, हंसमुख व्यवहार और कुशल कार्यशैली की धनी माणिक व्यास रेलवे के लिए किसी ‘मूल्यवान रत्न’ से कम नहीं रहीं। उनके सेवानिवृत्ति समारोह में रेल अधिकारियों और सहकर्मियों ने उन्हें भावभीनी बिदाई दी।

सुरों और सेवा का अद्भुत संगम :- ​मूलतः स्काउट कोटे से रेलवे में कदम रखने वालीं माणिक व्यास ने न केवल अपने विभागीय दायित्वों को पूरी कार्यकुशलता से निभाया। बल्कि रेलवे के हर सांस्कृतिक मंच पर अपनी संगीत कला का भी लोहा मनवाया। इसके साथ ही, स्काउट-गाइड से मिले संस्कारों और अनुशासन को उन्होंने अपने जीवन और काम में इस तरह ढाला कि वे हर रेलकर्मी की चहेती बन गईं।
​विदाई समारोह में उमड़ा स्टाफ का प्यार :- विदाई समारोह के दौरान मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों ने श्रीमती माणिक व्यास के सेवाकाल की सराहना करते हुए कहा कि “माणिक जी जैसी हंसमुख और अनुशासित कर्मचारी किसी भी विभाग के लिए गौरव की बात होती हैं। 36 साल तक उन्होंने बिना थके, हमेशा चेहरे पर मुस्कान लिए रेलवे की सेवा की है। उनका जाना विभाग के लिए एक बड़ी कमी होगी।”
अपनी विदाई पर माणिक व्यास जी ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि रेलवे मेरा परिवार है। यहाँ से मिले प्यार और सम्मान को मैं जीवनभर नहीं भूल पाऊंगी।
कार्यक्रम में डीआरएम अश्वनी कुमार ने उन्हें स्मृति चिह्न, शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। उपस्थित सभी शुभचिंतकों ने उनके उत्तम स्वास्थ्य और सुखी व दीर्घायु सेवानिवृत्त जीवन की कामना की।


भोपाल व रतलाम में शिक्षा और रतलाम में ही नौकरी:- माणिक का जन्म 8 जून 1966 में भोपाल में हुआ। प्राथमिक शिक्षा भोपाल में हुई। लेकिन कक्षा 6th से 12 th की शिक्षा गुजराती स्कूल रतलाम में पूरी की।।और यहीं के संगीत महाविद्यालय से -B. Music भी किया। बीकॉम रतलाम कॉलेज से किया। पश्चिम रेलवे स्काउट गाइड में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित हुई। स्काउट कोटे से ही 26 जुलाई 1989 को रेलवे में नियुक्त हुई।
उसके बाद निरंतर स्थापना विभाग में अलग अलग जिम्मेदारियां निभाई और हर चुनौती स्वीकार करती गई। मुख्य कार्यालय अधीक्षक यूनियन सेल और RTI सेल से सेवानिवृति हुई।

सीनियर डीपीओ गायकवाड़ ने की सराहना:- वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी सोमनाथ कैलास गायकवाड़ ने भी बिदाई कार्यक्रम में माणिक व्यास के कामों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जब भी माणिक को देखा मुस्कुराते ही देखा। विभाग के किसी काम को इन्होंने चुनौती मानते, मुस्कुराते हुए स्वीकारा। बल्कि इसे पूरा किया। इसलिए अब इनकी टेबल संभालने वालों को भी ऐसी ही चुनौती का सामना करना होगा।

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