कुली दादा की होनहार पौती का कमाल…अभावों से समझौते की सफलता, ट्यूशन से किनारा, मोबाइल से दूरी, सेल्फ स्टडी से पाए 93.2 प्रतिशत
फोटो कैप्शन:- कुली का काम कर जीवन बिताने वाले अपने दादा कजोड़ सिंह के साथ प्राची।

न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। अल्प सुविधा व अभावों से समझौता कर यदि कोई किसी क्षेत्र में सफलता हासिल करता है। तब उस शख्स की कठोर मेहनत व कड़ी लगन का अंदाजा आप सहज ही लगा सकते है। रतलाम रेलवे स्टेशन पर कुली का काम करने वाले दादा की पौती मॉर्निंग स्टार सीबीएसई की छात्रा प्राची ठाकुर ने ऐसा ही कमाल कर दिखाया। प्राची ने सीबीएसई 12वीं में 93.2 अंक हासिल कर सफलता की उम्दा कहानी गढ़ दी है। परिवार में अमूमन बचपन से ही अभावों का माहौल रहा है। सीमित संसाधनों के बीच गुजर-बसर किया। घरवालों में पर्याप्त उच्च शिक्षा का अभाव रहा है। ऐसे में सीबीएसई पैटर्न की घर में पढ़ाई कराने वाला कोई नहीं था। सेल्फ स्टडी के दम पर प्राची ने जो ठाना वह कर दिखाया। बगैर ट्यूशन अपने बूते पर प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुई है। बल्कि स्कूल में तीसरा स्थान प्राप्त किया। अब वह यूपीएससी की तैयारी कर ऊंचे ओहदे का ख्वाब बुनने लगी है। यह सपना साकार करने दिनरात जुटने को बेताब है।

प्राची बताती है कि उसने पूरे साल तय टारगेट के मुताबिक पढ़ाई की। मोबाइल फोन व सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी बनाए रखी। हालांकि कुछ प्रोजेक्ट के काम में मोबाइल की जरूरत पड़ी। तब मम्मी ने अपना मोबाइल केवल प्रोजेक्ट पूर्ति उपयोग करने को दिया।

फोटो कैप्शन:- पिता शेरसिंह ठाकुर के साथ खुशी जताती प्राची।
घर में शिक्षा माहौल कम लेकिन पढ़ाई में भरपूर सहयोग:- प्राची बताती है कि घर में शिक्षा का माहौल कम ही रहा है। लेकिन सभी ने उसे पढ़ाई में भरपूर प्रोत्साहन दिया। दादा कजोड़ सिंह ठाकुर ने उम्रभर रतलाम रेलवे स्टेशन पर कुली का काम कर जैसे-तैसे घर चलाया। पिता शेरसिंह ठाकुर 10वीं पास है। अभी रेलवे से जुड़ा निजी काम करते है। जबकि मां राखी ठाकुर सिलाई में डिप्लोमा ग्रेजुएट है। घर की स्थिति को देखते उसने पढ़ाई को ही जिंदगी की दौड़ में आगे बढ़ने का बेहतर विकल्प व गूढ़ मूलमंत्र माना। इसके बाद मन लगाकर पढ़ाई करना शुरू की। प्राची कहती है कि अब यूपीएससी का टारगेट है। क्योंकि इसकी तैयारी से ही प्लान-बी की अन्य कॉम्पिटिशन तैयारियों का सपोर्ट मिलेगा।
स्कूल की क्रमशः तीन टॉपर खास सहेलियां:- स्कूल में प्राची सहित क्रमशः टॉप थ्री की तीनों छात्राएं आपस में खास सहेलियां है। इसलिए पढ़ाई में आपसी प्रतिद्वंदिता काम आई।
बता दें कि जिले में सीबीएसई की 12वीं बोर्ड परीक्षा का रीजन वाइस रिजल्ट 79.43 फीसदी रहा। इसमें सफल होने में बेटियां ही आगे रहीं। 82.19 फीसदी बेटियां पास हुई। वहीं 76.87 फीसदी छात्र पास हुए हैं। साईं श्री इंटरनेशनल की कॉमर्स संकाय की छात्रा अदिति डागा ने 95.2 फीसदी अंक हासिल किए हैं। प्राची पिता शेरसिंह ठाकुर ने 93. 2 प्रतिशत अंक हासिल कर बेहतर प्रदर्शन किया।

परीक्षा में जिले से 1846 स्टूडेंट शामिल हुए थे। सीबीएसई की ओर से मेरिट लिस्ट जारी नहीं की जाती है। लेकिन इस बार सीबीएसई बोर्ड ने 12वीं का रिजल्ट अलग से जारी किया है। परीक्षा 17 फरवरी से शुरू होकर 9 अप्रैल तक चली थी। कापियां ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम के तहत चेक की गईं।
