Logo
ब्रेकिंग
OYO होटल बना रतलाम रेलवे स्टेशन का टीटीई रनिंग रूम....दूसरे मंडल के चेकिंग कर्मचारियों के लिए सुविधा... रेलकर्मियों के ऑनड्यूटी निधन पर अब 50 हजार के बजाय 1 लाख रुपए मिलेगी परिजनों को त्वरित सहायता स्‍वागत व सत्‍कार की झांकी....मजदूर संघ महामंत्री काबर का महू रोड रेलवे कॉलोनी पहुंचे, पारंपरिक तरिक... मालवा एक्सप्रेस के कोच मेंटेनेंस के वक्त 750 वोल्ट करंट से झुलसा इलेक्ट्रिक विभाग का कर्मचारी, प्रशा... हर दिन महिला दिन.....महिलाओं के लिए अब एक दिन के महिला दिवस से काम नहीं चलेगा 10 साल में रेलवे के हर सेक्टर में डेवलेपमेंट हुआ, इसलिए कैटिगरी में एक्सेस लेवल ग्रेड की मांग करेंगे समाजसेवी मेघा पाटकर 12 मार्च को रतलाम में... एम्प्लाइज यूनियन की महिला संगोष्ठी में भाग लेंगी रेलवे सीनियर डीसीएम व टीम मुंबई में पुरस्कृत.....नॉन फेर एवेन्यू के तहत इस साल 12 करोड़ रुपए प्राप्त ... रेलवे पदोन्नति परीक्षा का पर्चा लीक....सीबीआई गिरफ्तार किए दो अफसर, 17 लोको पायलट सहित 26 के खंगाल र... PCEE चर्चगेट मुंबई का एसटीएससी एसोसिएशन ने किया स्वागत

OYO होटल बना रतलाम रेलवे स्टेशन का टीटीई रनिंग रूम….दूसरे मंडल के चेकिंग कर्मचारियों के लिए सुविधा, यहां रतलाम मुख्यालय का स्‍टाफ ही फरमा रहा आराम

न्‍यूज जंक्‍शन-18
रतलाम। ट्रेनों में यात्रियों के टिकिटों की चेकिंग कर दूसरे मंडल से रतलाम आने वाले चेकिंग कर्मचारियों के ठहरने के लिए रेलवे ने यहां रेलवे स्‍टेशन बड़े खर्च से थ्री स्‍टॉर रनिंग रूम के इंतजाम किए है। लेकिन इस सुविधा का रतलाम मुख्यालय के वे चेकिंग कर्मचारी भी जमकर लुफ्त उठा रहे हैं। जिनका रतलाम मंडल के ही दूसरे स्टेशनों से रतलाम तबादला तो हो गया। लेकिन यहां क्वार्टर लेने या वहां ठहरने के बजाय वे टीटीई रनिंग रूम को ही आरामगाह बना रहे है। इनके लिए यहां किसी तरह की रोकटोक नहीं है। रेलवे को इनके एसी, कंबल सहित अन्‍य सुविधाओं के नाम पर बेवजह ही खर्च उठाना पड़ रहा है। जबकि ये कर्मचारी रतलाम मुख्यालय का हाउस रेंट, ट्रेवलिंग अलाउंस जैसी सुविधा यथावत ले रहे हैं। ऐसे में टीटीई रनिंग रूम की हालत OYO के किसी निजी होटल जैसी बना दी गई है।
बता दें कि टीटीई रनिंग रूम में मुंबई, बड़ौदा, अहमदाबाद, कोटा सहित अन्‍य मंडल से टीटीई शेड्यूलवार रतलाम आते है। दूसरे या तीसरे दिन ट्रेन ड्यूटी के लिहाज से लौटते है। मूलतः इनके लिए ही रतलाम मंडल में टीटीई रनिंग रूम के इंतजाम किए गए हैं। बकायदा आने-जाने के वक्त इंट्री और रिकॉर्ड मेंटेन किया जाता है। वहीं रतलाम मंडल के इंदौर, उज्‍जैन, चित्‍तौड़गढ, दाहोद सहित अन्‍य आसपास के स्‍टेशनों से रतलाम आने वाले चेकिंग स्‍टाफ के लिए भी ऑनड्यूटी रनिंग रूम की आंशिक सुविधा है। वे यहां चेकिंग डयूटी में रतलाम आने के बाद अगली किसी ट्रेन से अपने मुख्‍यालय रवाना होते हैं। ट्रेन की लेटलतीफी में ये कुछ समय टीटीई रनिंग रूम में ठहर सकते है।

ये इसलिए करते है अवैध उपयोग:- दरअसल इंदौर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर सहित अन्य स्टेशनों से रतलाम तबादला किए जाने के बाद चेकिंग कर्मचारियों का मुख्यालय रतलाम है। इसके लिए बकायदा इन्हें हाउस रेंट व ट्रांसपोर्टेशन अलाउंस दिया जाता है। लेकिन कई टीटीई अपने परिजनों को पूर्ववत स्टेशनों पर ही रखकर अप-डाउन जैसी नौकरी कर रहे है। कई ने दिखावे के लिए किराए के रूम भी लिए है। बावजूद कुछ कर्मचारी दो से चार घंटे वे रनिंग रूम में ही समय व्यतीत कर नियमों की अवहेलना करने लगे है।

रेलवे खर्च में इजाफा, संसाधनों का अपव्‍यय:- जानकारी में आया है कि ऐसे चेकिंग कर्मचारियों द्वारा रनिंग रूम में ठहरने के बाद वहां आए दिन पार्टियां भी की जा रही है। प्रत्यक्षदर्शी सूत्र तो इतना तक बता रहे हैं कि टीटीई रनिंग रूम में किसी टीटीई की महिला मित्र भी उन्हें आती व जाती दिखाई दी है।
इधर, पूरे मामले में पीआरओ मुकेश कुमार पांडेय का कहना है कि रतलाम मंडल के स्टेशनों से ऑनड्यूटी रतलाम आने और ट्रेन लेट होने पर रनिंग रूम में ठहर सकते है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.