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टीटीई रनिंग रूम का ऐसा टेस्ट, चल रहे अनधिकृत रेस्ट….ड्यूटी रिकार्ड बेपटरी, प्रोटोकॉल में उलझ रही तिकड़ी

न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रतलाम रेलवे स्टेशन के टीटीई रनिंग रूम में ठहरने वाले चेकिंग कर्मचारियों के रिकार्ड रखरखाव को लेकर भी सवाल उठने लगे है। यहीं वजह है कि यहां रतलाम मुख्यालय के टीटीई नियमों के विपरित आराम कर रहे है। जबकि इसकी रोकटोक करने वाला कोई नहीं है। दूसरी ओर इस व्यवस्था की निगरानी की सीधी जिम्मेदारी कामर्शियल विभाग के ही तीन जिम्मेदारों पर है। लेकिन तीनों कर्मचारी अधिकारियों के प्रोटोकॉल की जिम्मेदारी एक-दूसरे पर थोपने में उलझ रहे है।
बता दें कि ट्रेनों में यात्रियों के टिकिटों की चेकिंग कर दूसरे मंडल से रतलाम आने वाले चेकिंग कर्मचारियों के ठहरने के लिए रेलवे ने रेलवे स्‍टेशन पर थ्री स्‍टॉर रनिंग रूम के इंतजाम किए है। वहां इस सुविधा का रतलाम मुख्यालय के वे चेकिंग कर्मचारी भी लुफ्त उठा रहे हैं। जिनका रतलाम मंडल के ही दूसरे स्टेशनों से रतलाम तबादला तो हो गया। लेकिन यहां क्वार्टर लेने या वहां ठहरने के बजाय वे टीटीई रनिंग रूम को ही आरामगाह बना रहे है। ये कर्मचारी रतलाम मुख्यालय का हाउस रेंट, ट्रेवलिंग अलाउंस जैसी सुविधा तक ले रहे हैं।
बड़ी बात यह है कि टीटीई रनिंग रूम में केयरटेकर जैसे इंतजाम है। वहां ठहर रहे अनधिकृत कर्मचारियों के उपयोग का रिकार्ड दर्ज क्यों नहीं किया जा रहा है। चादर, कंबल की काउंटिंग व इसका मिलान में यदि अंतर है तो इसकी जानकारी जिम्मेदारों को क्यों नहीं दी गई। बताया जा रहा कि न्यूज जंक्शन-18 द्वारा खबर का प्रकाशन किए जाने के बाद मामले को अधिकारियों ने संज्ञान में लिया है।

प्रोटोकॉल की उलझन, चेंबर में हमेशा लटके ताले:- रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं व समस्याओं की सुनवाई करने सहित टीटीई रनिंग रूम की देखरेख के लिए तिहरी व्यवस्था है। वहां विभाग द्वारा डिप्टी एसएस कमर्शियल नवीन पाल, सीएमआई सोमेश सिसोदिया व हेड टीसी ईश्वर मीणा को तैनात किया है। लेकिन विभाग के ही सूत्र बताते हैं कि तीनों में अधिकारियों के प्रोटोकॉल की जिम्मेदारी को लेकर खूब तकरार चल रही है। दो दिन पहले इसके लिए हेड टीसी मीणा ने इसी मुद्दे पर आपत्ति लेते सीएमआई सोमेश व डिप्टी एसएस कमर्शियल पाल पर आरोप जड़े थे। प्रोटोकॉल की जिम्मेदारी इन दोनों ही जिम्मेदार सोमेश व पाल पर है। लेकिन अधिकांश समय इनके चेंबर में ताले लटके रहते है। यह मामला मंडल कार्यालय अधिकारी तक पहुंचा था। इधर, मामले में सीएमआई सोमेश का कहना है कि यात्री सुविधा सहित केटरिंग के कामो के लिए सुबह 10 से शाम 6 बजे तक मेरा चेंबर खुला रहता है। ताला लगाने का सवाल नही है। वही डिप्टी एसएस कमर्शियल पाल का कहना है कि प्रोटोकॉल में कुली सहित अन्य व्यवस्थाओं के लिए हेड डीसी को सूचना देना जरूरी होता है। मेरे जिम्मे यात्री सुविधाओं सहित अन्य जिम्मेदारी है। इसमें विबाद जैसी कोई बात नहीं है।

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