ओवरनाइट एक्सप्रेस में विजिलेंस जांच, टीटीई के पास निकली अतिरिक्त राशि, देवास-इंदौर के बीच हुई कार्रवाई
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। जबलपुर-इंदौर ओवरनाइट एक्सप्रेस (22192) में मंगलवार को विजिलेंस जांच से हड़कंप मचा रहा। पूछताछ व जांच में टीईटी के पास से शासकीय राजस्व राशि से अतिरिक्त राशि मिली। इस कार्रवाई के दौरान टीईटी द्वारा कई तरह की रिकमेंड लगवाई। लेकिन बात बनी नहीं। मामले में रिपोर्ट तैयार की गई है।
जानकारी के मुताबिक ओवरनाइट एक्सप्रेस में देवास स्टेशन से विजिलेंस इंस्पेक्टर संजय शर्मा ने कोच में चढ़कर टीटीई संजय कुमार से पूछताछ शुरू की। टीटीई के पास शासकीय राजस्व से जुड़ी राशि की जांच की गई। तब उससे करीब 1900 रुपए अतिरिक्त निकले। मामले में इंदौर हेडक्वार्टर के टीटीई संजय कुमार ने अपने स्तर पर विजिलेंस इंस्पेक्टर से प्रभावी रिकमेंड भी लगवाई। लेकिन इसका कोई असर नहीं पड़ा। बताया जा रहा कि टीटीई को लेकर पूर्व में ट्रेन में अपसेंट रहने का मामला भी संज्ञान में आया था।
चलती ट्रेन में हुई थी विजिलेंस कार्रवाई व धक्का-मुक्की:- ऐसा ही मामला जनवरी 2026 के पहले पखवाड़े में हुआ था। तब गुरुवार की रात में ट्रेन संख्या 14801 जोधपुर-इंदौर एक्सप्रेस में टीटीई (सीटीआई) एमआर सिलावट, कृष्णा व मुनीश मीणा की ऐसी कोच में ड्यूटी थी।
ट्रेन में पश्चिम रेलवे मुंबई जोन के विजिलेंस इंस्पेक्टर सतीश यादव व विनीत जैन टीटीई की जांच के लिए ढोढर स्टेशन पर कोच में आए थे।विजिलेंस इंस्पेक्टर ने टीटीई से नगदी जांच सहित अन्य पूछताछ करना चाही। लेकिन टीटीई द्वारा आपत्ति लेने पर मामला गरमा गया। तीखी बहस के बाद विजिलेंस इंस्पेक्टर और टीटीई के बीच झूमाझटकी शुरू हो गई थी। ये सब घटनाक्रम यात्रियों की मौजूदगी में हुआ था।
बात बढ़ने पर विजिलेंस इंस्पेक्टर ने तीनों टीटीई को रतलाम नहीं उतरने दिया तथा तीनों को इंदौर ले जाया गया। वहां पूछताछ कर लिखित प्रकरण तैयार किया गया। जांच में मिलान करने पर एक टीटीई के पास राशि कम निकली थी। यह मामला भी विभाग द्वारा दबा दिया गया।
