संघर्षों में तपकर कुंदन बने सोनेर….25 साल के कार्यकाल की रेल सेवा ने बनाया मजबूत, रैली व हड़ताल का हिस्सा रहे, अनैतिक तबादलों के खिलाफ लड़ी लड़ाई

न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रेलवे आरपीएफ में ख़ाकी पहन यात्रियों की सेवा उपरांत संघर्षों से वास्ता रखने वाले रेलवे कर्मचारी (कार्यालय अधीक्षक) कुंदन सिंह सोनेर अब कर्मचारियों की दुश्वारियों को दूर करने के लिए आमादा है। आगामी जेसी बैंक के चुनाव के लिए खुद एक बेहतर उम्मीदवार की दावेदारी कर इन्होंने डायरेक्टर पद को वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ की झोली में डालने के लिए कमर कस ली है। संगठन से हरी झंडी मिलते ही चुनावी मैदान में प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार को हराने में जुटने को तैयार है।

20 साल तक यात्रियों की सेवा:- कुंदन ने रेलवे के 25 वर्षीय कार्यकाल के दौरान 20 वर्ष आरपीएफ में योगदान दिया है। इस दौरान कर्तव्यों के मुताबिक यात्रियों की खूब सेवा की। पिछले 5 वर्षों से रेलवे के टीआरओ विभाग में कार्यालय अधीक्षक के रूप में कार्यरत है। सेवा के संकल्प के साथ ये अब कर्मचारियों के बीच अपने सेवा प्रकल्पों को आगे बढ़ाना चाहते है। यहीं वजह है कि मंडल के आला पदाधिकारी से चर्चा कर अपनी बखूबी दावेदारी जताई है।

दो बार उत्कृष्ट अवॉर्ड से सम्मानित:- 25 वर्ष की सेवा में उत्कृष्ट कार्य के लिए कुंदन को दो बार डीआरएम अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है। पिछले वर्ष मंडल सचिव अभिलाष नागर तथा मंडल अध्यक्ष प्रताप गिरी के साथ मिलकर रेलवे में हो रहे अनैतिक पूर्ण पीरियोडिकल ट्रांसफर पर रोक लगवाने में अहम भूमिका निभाई है। मजदूर संघ के साथ कई रैली और कई हड़ताल में हिस्सा लिया है। मजदूर संघ के हित में जुड़ कर कार्य किए हैं। यही वजह हैं कि कुंदन आने वाले जेसी बैंक डायरेक्टर पद के लिए प्रबल दावेदार माने जा रहे है।
