न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रेलवे के एसबीएफ (स्टाफ बेनिफिट फंड) के तहत मंगलवार शाम को समिति सदस्यों की डीपीओ के साथ बैठक हुई। इसमें गोवा टूर में की गई अनियमितता का मुद्दा एक बार फिर उठाया गया। सदस्यों ने विरोध दर्ज कराया गया और कहा कि इसमें एपीओ की मिलीभगत है।

बता दें कि एसबीएफ समिति की बैठक में सभी रेल संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होते है। बताया जा रहा कि इसमें मजदूर संघ की ओर से अनुपस्थिति रही। इसे लेकर भी चर्चा थी।
मीटिंग में सदस्यों ने विरोध दर्ज कराया कि महिला विशेष 48 सदस्यीय टूर गोवा गया था। जिसमें भारी अनियमितता की गई। दाहोद से डब्ल्यूएलआई कर्मचारी को ठेकेदार का आदमी बनाकर ले जाया गया। ऐसी धांधली अब कतई नहीं चलेगी।
बैठक में एसबीएफ की कार्यप्रणाली से संबंधित विभिन्न प्रशासनिक मुद्दों पर भी चर्चा की गई। इस मौके पर वेस्टर्न रेलवे एम्प्लाइज यूनियन की ओर से पीयूष व्यास व अखिल शर्मा, ऑल इंडिया ओबीसी एसोसिएशन की ओर से अजय सिंह, एसटी एससी एसोसिएशन की ओर से पी. एन. वर्मा मौजूद रहे।
मंडल कार्मिक अधिकारी ने उठाए गए मुद्दों पर सकारात्मक आश्वासन दिया।बताया कि आगामी बैठक सीनियर डीपीओ के साथ शीघ्र ही आयोजित की जाएगी।
प्रशासनिक अनियमितताएं उठाई गई:-
-कर्मचारियों को दी जाने वाली भरण-पोषण राशि के भुगतान में हो रही देरी पर चर्चा की गई।
-महिला सशक्तिकरण मद के तहत स्वीकृत राशि के समुचित एवं पूर्ण उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया गया।
-एबीएफ की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की जरूरत पर विचार किया गया।

गोवा टूर में यह थी अनियमितता
– महिला विशेष टूर में दो ऐसे पुरूष कर्मचारियों को शामिल कर लिया गया। जिनकी दाहोद रेलवे रिकार्ड में ऑन ड्यूटी दर्शाई गई। प्रशासन की ओर से डब्ल्यूएलआई एक के बजाय दो साथ चले गए। इन्होंने ठेकेदार की भूमिका निभाई।
– 48 सदस्यों का दल गोवा टूर के लिए रवाना हुआ। इसमें रेल संगठन की ओर से दो पुरूष कर्मचारी भी साथ गए। इतने सदस्यों का भी भुगतान किया जाना है।
– टूर के पहले 12 सितंबर 2025 को मंडल कार्यालय में मीटिंग हुई थी। तब ठेकेदार को नहीं बुलाकर वेल्फेयर इंस्पेक्टर ने विभाग के अधिकारी को आश्वस्त कर दिया कि फर्म को सभी शर्ते मंजूर है।
-गोवा टूर की बिलिंग हिसाब में 48 सदस्यों के बीच 40 हजार रुपए के पानी के बिल को दर्शाने की बातों की चर्चा रही। जबकि होटल सहित अन्य स्थानों पर पानी के स्वतः इंतजाम रहे होंगे।
