जेसी बैंक चुनाव हलचल: हर दिल पर राज करते आए राजेंद्र…. श्रमिकों की आवाज़ बनकर उभरे, प्रबल दावेदार में प्रमुख नाम
-9 वर्षों से वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ के कर्मठ कार्यकर्ता, दो डीआरएम अवार्ड, विद्युत विभाग से लंबा संघर्ष
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ से जुड़े कर्मठ, ईमानदार और जमीनी कार्यकर्ता के रूप में 9 वर्षों के अल्प समय की लीडरशीप से उभरे डब्ल्यूएलाई राजेंद्र चौधरी आगामी जैसी बैंक (जेसीसीएस) चुनाव में अपनी प्रबल दावेदारी की ताल ठोक रहे है। एक मायने में बात कहीं जा रही है कि संगठन के प्रति उनकी निष्ठा, संघर्षशीलता और कर्मचारियों के बीच उनकी गहरी पकड़ है। इसलिए भी उन्हें रतलाम मंडल में एक लोकप्रिय नाम बना दिया है।

विद्युत पावर विभाग से रेल सफर शुरू:- चौधरी ने अपनी रेल सेवा जीवन की शुरुआत विद्युत (पावर) विभाग से की थी। इस विभाग में रहते हुए उन्होंने कर्मचारियों के अधिकारों और सुविधाओं के लिए कई संघर्ष और आंदोलनों का नेतृत्व किया। उन्होंने विभागीय समस्याओं के समाधान के लिए कई बार भूख हड़ताल और मौन हड़ताल जैसे आंदोलन किए। विद्युत कर्मचारियों के समय पर प्रमोशन, कार्यस्थल सुरक्षा और रेनकोट जैसी आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता के लिए उन्होंने प्रशासन पर प्रभावी दबाव बनाया। कर्मचारियों को वास्तविक लाभ दिलाया।
डीआरएम द्वारा विशेष पुरस्कार:- राजेंद्र के नेतृत्व में हुए आंदोलनों ने न केवल विभागीय माहौल बदला बल्कि मजदूर संघ की साख को भी मजबूत किया है। इसके साथ ही, जब भारतीय रेलवे में अनुकंपा नियुक्ति प्रकरण प्रारंभ हुआ था। तब पूरे भारतीय रेलवे में सबसे पहला प्रकरण चौधरी द्वारा सफलतापूर्वक निपटाया गया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए उन्हें मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) द्वारा विशेष पुरस्कार और मुख्यालय स्तर पर वाह-वाही मिली थी।
गर्ग के सिपेसलार रहे, नागर के साथ योद्धा- राजेंद्र चौधरी पिछले नौ वर्षों से रतलाम मजदूर संघ में पूर्व में मंडल मंत्री बीके गर्ग के खास सहयोग रहे है। वर्तामन मंडल मंत्री अभिलाष नागर साथ योद्धा के रूप में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने संगठन की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए मजदूर संघ के हर अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। उन्हें दो बार डीआरएम अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है।

मिलनसारिता ने बढ़ाई पहचान:-चौधरी की माने तो उनकी सबसे बड़ी विशेषता उनका मिलनसार स्वभाव और सभी वर्गों से मजबूत संपर्क है। वे संगठन के वरिष्ठों से लेकर निचले स्तर तक के कर्मचारियों के साथ मधुर संबंध बनाए रखते हैं। सभी मंडल मंत्री चाहे वर्तमान हों या पूर्व के नेता, उनके कार्य और समर्पण की हमेशा सराहना की है। यहां तक कि मजदूर संघ के पूर्व महामंत्री स्व. दादा महोरकर भी उन्हें एक निष्ठावान और मेहनती कार्यकर्ता के रूप में विशेष रूप से पसंद करते थे। संगठन में उनकी पहचान एक ऐसे कार्यकर्ता के रूप में है जो संघर्ष, सेवा और संयम तीनों गुणों का संतुलित उदाहरण हैं। प्रशासनिक संवाद और कर्मचारियों के बीच सेतु के रूप में उनकी भूमिका को हर स्तर पर सम्मान मिला है।
आगामी जैसी बैंक चुनाव में उनकी उम्मीदवारी को लेकर मजदूर संघ के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह का वातावरण है।
