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रेलवे रनिंग रूम की घटिया थ्री स्टार सुविधा….खाना ऐसा कि कैदियों को भी बेहतर मिलता होगा, चाय ऐसी मानो केवल गरम पानी

-विभाग के अधिकारियों व ठेकेदार की मिलीभगत से बाहर के गार्ड ड्राइवर की फ़जीहत।
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रेलवे ने खूब दावे किए कि रतलाम जंक्शन के रनिंग रूम में गार्ड-ड्राइवर के ठहरने के दौरान उन्हें थ्री स्टार स्तर की सुविधा दी जा रही है। लेकिन असल में यहां की व्यवस्था किसी निम्न स्तर के होटल से भी घटिया है। यह अनदेखी संबंधित विभाग के अधिकारी व ठेकेदार के सांठगांठ के चलते हो रही है। थकान भरी रनिंग कर रनिंग रूम में ठहरने वाले कर्मचारियों से जिम्मेदारों को कोई वास्ता नहीं है। इन्हें सम्भवतः कैदियों से भी घटिया खाना दिया जा रहा है। कमीशनखोरी के आलम का असर ऐसा है कि रनिंग रूम के कर्मचारियों द्वारा कई बार विभाग को शिकायत दर्ज करा दी गई। लेकिन किसी भी स्तर पर कोई सुधार किया, नहीं कोई सुनवाई या कार्रवाई की गई। दीपावली के दिन भी कर्मचारियों को अपने घर से सैकड़ों किलोमीटर दूर रतलाम रनिंग रूम में घटिया खाना नसीब हुआ। मंडल मुखिया सहित विभाग के अधिकारियों द्वारा कभी भी वहां औचक निरीक्षण नहीं किया। ऐसे में अब कर्मचारी मीडिया का सहारा लेकर मुकर होने को मजबूर होने लगे हैं।

दाल पतली, चाय के नाम पर गरम पानी:- रनिंग रूम की समस्या को लेकर विभाग के अधिकारी को शिकायत की गई। लेकिन सुस्त प्रशासन के चलते ठेकेदार पर आज तक पुख्ता कार्रवाई नहीं की। कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने कभी ठेकेदार को व्यवस्था का जायजा लेते नहीं देखा। बल्कि सुपरवाइजर के नाम पर कुछ दैनिक कर्मचारी जुटाए हुए है। वे शिकायतों को सुना-अनसुना कर देते है। वर्तमान हालात यह है कि दाल पतली पानी जैसी, जो खाने लायक नहीं रहती। चाय भी केवल गरम पानी जैसी बेस्वादी रहती है।

बासी सब्जियों का उपयोग- खाने में दी जाने वाली कच्ची सब्जियां भी पुरानी व बासी खरीदी रहती है। इसे सामान्यतः आमजन भी घर में उपयोग नहीं करते होंगे। खबर में नाम प्रसारित नहीं करने के अनुग्रह पर रनिंग कर्मचारियों ने गुणवत्ताहीन खानपान को लेकर खुलकर दुश्वारियों को सांझा किया। उनका कहना है कि अधिकारी सीधे तौर पर पेटी कांट्रेक्टर से मिले हुए है।

वे खुलकर अपनी समस्या भी बयां नहीं कर सकते। क्योंकि इससे उल्टा उन पर ही कार्रवाई की गाज गिरने की आशंका रहती है। मामले में जनसंपर्क अधिकारी से जानकारी लेना चाही। लेकिन फोन नेटवर्क मोड पर नहीं आ रहा था।

इस तरह से भी अनदेखी

-रनिंग रुम के लिए मंडी से सब्जी लाई जाती है। सभी सब्जियां ऐसी होती है कि खरीदना दूर इसे फ्री में ले जाना भी उचित नहीं माना जा सकता है।
-कोई भी ठेकेदार का नाम नहीं बताता है। वहां केवल सुपरवाईजर के नाम पर लड़के है। ये कभी भी सुनवाई नहीं करते है।
-वैसे तो अधिकारी औचक निरीक्षण करते ही नहीं। लेकिन कोई अधिकार वहां पर निरीक्षण के लिए आते भी हैं तो उनके आने की भनक पहले से दे दी जाती है। फ़ौरन घटिया सामग्री हटाकर एक दिन के लिए बेहतर सामग्री लाकर रख दी जाती है।
-चाय के लिए औसतन एक लीटर दूध में चार लीटर पानी मिलाकर कर रखते हैं। घटित मिश्रण से चाय बनाकर दी जाती है। यह पीने लायक ही नहीं रहती।
-ठेकेदार के कर्मचारियों की उपस्थिति में भी अनदेखी की जा रही है। रसोई में कार्य करने वाले एक शिफ्ट में जितने कर्मचारी दर्शाए जा रहे है। धरातल पर कितने कर्मचारी उपस्थित रहते है। इसे देखने वाला जिम्मेदार कोई नहीं है।

नोट:- रनिंग रूम को लेकर अनियमितता को निरंतर उजागर किया जाएगा। इसके लिए न्यूज़ जंक्शन-18 के पास दस्तावेजी प्रमाण उपलब्ध है।

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