मेडल जीतने का मतलब यह नहीं कि हम सफल है….अनुशासन बेहद जरूरी, यही बेहतर जीवन जीने में सहायक-डीआईजी अग्रवाल

न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। अनुशासित जीवन बेहतर जीवन जीने में सहायक होता है। केवल मेडल और सर्टिफिकेट जीतने का मतलब यह नहीं कि हम सफल हैं। यह बात श्री गुरु तेग बहादुर शैक्षणिक विकास समिति द्वारा नगर में संचालित विद्यालयों के प्रतिभावान विद्यार्थियों के लिए अरविंद मार्ग स्थित खालसा सभागृह में आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए रतलाम रेंज पुलिस उपमहानिरीक्षक निमिष अग्रवाल ने विद्यार्थियों से कही। उन्होंने कहा कि बच्चों को अच्छी आदतें रखना चाहिए। अनुशासन में रहना चाहिए तथा सब की मदद कर अनुशासित जीवन जीना चाहिए। हर विधार्थी को बड़े सपने देखना चाहिए किंतु इसके साथ कड़ी मेहनत भी करना होगी। तभी वह जीवन का लक्ष्य प्राप्त कर सकेगा। कार्यक्रम के प्रारंभ में डीआईजी निमिष अग्रवाल, श्री गुरु सिंह सभा प्रधान अवतार सिंह सलूजा, समिति अध्यक्ष सरदार गुरनाम सिंह डंग, सचिव अजीत छाबड़ा, अकादमी प्राचार्य डॉ. रेखा शास्त्री शास्त्री ने मां सरस्वती व गुरु श्री तेग बहादुर जी के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्जवलन किया। शबद कीर्तन प्रीत कौर भामरा ने व मां सरस्वती की आराधना नीलिमा चौधरी व रुचि चौहान ने प्रस्तुत की। बच्चों ने स्वागत समूह गीत प्रस्तुत किया।

अतिथि डीआईजी निमिष अग्रवाल, अवतारसिंघ सलूजा व कश्मीर सिंह सोढ़ी का स्वागत समिति अध्यक्ष सरदार गुरनाम सिंह डंग, उपाध्यक्ष हरजीत चावला सचिव अजीत छाबड़ा, कोषाध्यक्ष देवेंद्र सिंह वाधवा, सहसचिव हरजीत सलूजा, प्रवक्ता सुरेन्द्र सिह भामरा, समिति सदस्य गगनदीप सिंह डंग, धर्मेंद्र गुरुदत्ता, गुरविंदर खालसा, गुरमीत सिंह गुरुदत्ता, प्राचार्य डॉ रेखा शास्त्री, प्रधान अध्यापिका सरल माहेश्वरी, कविता कुंवर, समिति के अमरपाल वाधवा आदि ने किया।

समिति अध्यक्ष सरदार गुरनाम सिंह ने कहा कि बच्चों को संवारने में शिक्षकों का बहुत बड़ा त्याग है। शिक्षक ही ऐसा व्यक्ति है, जो अपने शिष्यों को अपने से ऊपर जाता देखकर प्रसन्न होता है। खेल को हमेशा खेल की भावना से खेलना चाहिए। अगर किसी खेल में हार मिलती है तो इसे सकारात्मक रूप में लेना चाहिए कि हो सकता हो ईश्वर ने आपको इससे बड़ी जीत के लिए तैयार किया हो। उन्होंने मोबाइल के दुष्प्रभावों से अवगत करवाते हुए कहा कि विद्यार्थियों को मोबाइल का उपयोग केवल शैक्षिक कार्य के लिए ही करना चाहिए। बच्चों की उपलब्धि में शिक्षकों के साथ-साथ उनके पालको का भी अहम योगदान है। इस अवसर पर विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों में उपलब्धि हासिल करने वाले कक्षा 12वीं के अलेफिया भाटी, सचिन शुक्ला, आदर्श सिंह भदोरिया, कक्षा दसवीं के प्रांजल चौहान, मधुकना पाटीदार, कक्षा 8 वी की खुशमीत कौर, कक्षा 5 वी की वेदिका पेडिया व खेल गतिविधियों में विशेष उपलब्धि हासिल करने पर जयंती सेन (रेसलिंग), राष्ट्रीय स्तर खिलाड़ी हिजल पाटीदार, आर्या उपाध्याय, नमन तलोदिया, भविष्य प्रताप सिंह, गुरकीरत सिंह सलूजा सहित 225 छात्र-छात्राओं को शैक्षणिक एवं खेल उपलब्धियां हेतु समिति संस्थापक स्व सरदार राजेंद्र सिंह स्मृति, समिति पूर्व अध्यक्ष स्व सरदार हरदयाल सिंह वाधवा स्मृति, स्व मेला राम छाबड़ा स्मृति, पुर्व कोषाअध्यक्ष सरदार दर्शन सिंह गुरु दत्ता स्मृति सहित विभिन्न ट्राफियां, प्रमाण-पत्र, मेडल व नगद पुरुस्कार देकर सम्मानित किया गया। वही सिख समाज की विभिन्न प्रतिभाओं को भी सम्मानित किया गया। समिति की ओर से डीआईजी अग्रवाल का शाल श्रीफल व प्रतीक चिन्ह देकर अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम का संचालन सीमा भाटी ने व आभार अजीत छाबड़ा ने माना। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
