मुंबई रेलमार्ग पर ऐसी दहशत…ट्रेनों में ड्यूटी से कतरा रहे चेकिंग कर्मचारी, कोई सिक कर रहा तो किसी के बहाने
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। मुंबई रेल मार्ग पर टिकिट चेकिंग की ड्यूटी के लिए चेकिंग कर्मचारी कतराने लगे हैं। ड्यूटी लगाते ही कोई सिक कर रहा तो कोई पारिवारिक बहाने बनाकर जिम्मेदारी से दूर भाग रहा है।
दरअसल, डिप्टी सीटीआई अनिल कौशल पश्चिम एक्सप्रेस में 200 रुपए घूंस लेने के आरोप में धराया था। यह कार्रवाई एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) ने की थी। यह मामला पश्चिम रेलवे जोन के अलावा रेलवे बोर्ड तक संज्ञान में आया।
इस कार्रवाई का सीधा असर मुंबई की ओर ट्रेनों में वर्किंग करने वाले चेकिंग स्टाफ पर दहशत के रूप में पड़ा। वर्तमान हालात यह है कि सीटीआई ऑफिस से रोस्टर के मुताबिक मुंबई की ट्रेनों में भी चेकिंग कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जा रही। लेकिन इस मार्ग पर कोई भी जाने को राजी नहीं है। अवकाश लेने को आमादा है तो अन्य बहाने बनाकर वर्किंग से छुटकारा पाने तक के प्रयास किए जाने की सूचनाएं आ रही है। जो ड्यूटी कर रहे वे घूंस लेने की सोच तक नहीं रहे है। हालात यह है कि सूरत के आसपास के स्टेशनों पर जनरल कोच में एकाएक संख्या बढ़ने लगी है। वहीं स्लीपर कोच नार्मल दिखाई देने लगे है।
अभी भी जेल में डिप्टी सीटीआई कौशल:- इधर, सूत्रों से जानकारी निकलकर आ रही हैं कि डिप्टी सीटीआई कौशल की जमानत प्रकिया न होने की वजह से अभी भी जेल में समय बिताना पड़ रहा है। दूसरी ओर कौशल को लेकर कमर्शियल विभाग ने कार्रवाई की तैयारी भी पूरी कर ली है। जमानत होते ही निलंबन का आदेश थमाकर मामले को विभागीय जांच के दायरे में लिया जाएगा।
विजिलेंस की कार्रवाई नहीं:- कौशल के खिलाफ एसीबी की कार्रवाई होना रेलवे की मूल एजेंसी विजिलेंस पर एक तरह से करारा तमाचा है। बावजूद पिछले 5 दिनों में विजिलेंस की पश्चिम रेलवे के किसी मंडल में कार्रवाई की कोई सूचना नहीं है। फौरी तौर पर जांच के लिए भी किसी तरह की चर्चा सामने नहीं आई। जबकि यह मामला रेलवे बोर्ड तक पहुंचा है।
यह था कौशल का मामला:- गत गुरुवार को एसीबी गुजरात की टीम ने जाल बिछाकर पश्चिम एक्सप्रेस में डिप्टी सीटीआई अनिल कुमार कौशल को 200 रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा था। यह कार्रवाई पश्चिम एक्सप्रेस में जनरल टिकट पर एस-2 स्लीपर कोच में सीट देने के बदले अवैध वसूली को लेकर की गई थी। एंटी करप्शन ब्यूरो की प्रदेश यूनिट से जानकारी यह निकलकर आ रही है कि इस कार्रवाई के बाद रेलवे में भ्रष्टाचार की पुख़्ता मुहर लगी है। ऐसे में वाणिज्य सहित अन्य विभागों में गैर रेलवे शासकीय एजेंसियों का दखल बढ़ सकता है। शिकायत मिलने पर आय से अधिक संपत्ति के मामले में वर्तमान कर्मचारियों सहित रिटायर्ड तक पर जांच कार्रवाई की जा सकती है।
