अखंड भारत संकल्प दिवस पर छलका दर्द….स्वतंत्रता की मिठास के साथ विभाजन का दर्द देश की स्मृति में गहराई से अंकित
– विहिप बजरंग दल के वक्ता बोले-
देश को विभाजन का कड़ा आघात सहना पड़ा।
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। स्वतंत्रता की मिठास के साथ विभाजन का दर्द देश की स्मृति में गहराई से अंकित। देश को विभाजन का कड़ा आघात सहना पड़ा। विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल द्वारा मनाए गए अखंड भारत संकल्प दिवस में वक्ताओं ने संबोधित किया।
पहला कार्यक्रम श्रीराम प्रखंड द्वारा बौद्धिक विद्यार्थियों के बीच में मनाया गया। जिसमें मंचासिन विभाग सह मंत्री पवन बंजारा, जिला धर्माचार्य संपर्क प्रमुख दीपक व्यास, बजरंग दल जिला संयोजक मुकेश व्यास, प्रखंड संयोजक विकास यादव, वक्त दीपक व्यास वक्ता के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि भारत का जैसे विभाजन हुआ है। वह बहुत जल्द अखंड भारत के रूप में अखंड अखंड होगा। भारत देश जैसे पुराने समय में पूरा अखंड था। यही सब हम युवा विद्यार्थियों और सभी युवाओं को भारत देश अखंड करने के लिए सोचना चाहिए।
विभाग संयोजक विनोद शर्मा
जिले से जिला सह मंत्री अक्षय गोमे, सहसंयोजक आशु टॉक, सहसंयोजक मुन्नू कुशवाह, जिला प्रचार-प्रसार प्रमुख मोंटी जायसवाल, जिला विद्यार्थी प्रमुख मोनू मराठा, जिला बल उपासना प्रमुख नीरज सतवानी, जिला साप्ताहिक मिलन प्रमुख सुनील राठौड़ ,सह गौरक्षा रक्षा प्रमुख गनी शक्तावत, जिला कार्यकारिणी सदस्य हीरालाल सीरवी, जिला धर्म पसार से पंकज जी चौहान, प्रखंड से श्री राम प्रखंड अध्यक्ष कपिल पुरोहित, उपाध्यक्ष चीकू, पवार प्रखंड गौ रक्षा प्रमुख देवराज और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
धराड़ में भी आयोजन:- इसी तरह विश्व हिन्दू परिषद बजरंग दल रतलाम विरुपाक्ष महादेव प्रखंड धराड़ द्वारा अखंड भारत संकल्प दिवस मनाया गया। जिसमें सौरभ चतुर्वेदी विभाग मंत्री, राधेश्याम रावल रतलाम जिलाध्यक्ष, मुकेश पाटीदार पालक विरुपाक्ष प्रखंड, दीपक चौहान प्रखंड सह संयोजक रहे।

बौध्दिक चतुर्वेदी द्वारा देते हुए अखंड भारत से विभाजन तक का विस्तार से जानकारी दी।
15 अगस्त 2025 के साथ ही विभाजन का दर्द और हिंसा भी देश की स्मृति में गहराई से अंकित है। हालांकि देश बहुत आगे बढ़ गया है और दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। लेकिन देश के विभाजन के दर्द को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। अपनी आजादी का जश्न मनाते हुए एक कृतज्ञ राष्ट्र, मातृभूमि के उन बेटे-बेटियों को भी नमन करता है जिन्हें हिंसा के उन्माद में अपने प्राणों की आहुति देनी पड़ी। भारत को 15 अगस्त1947 को ब्रिटिश शासन से आज़ादी मिली स्वतंत्रता दिवस जो हर साल 15 अगस्त को मनाया जाता है। किसी भी राष्ट्र के लिए एक खुशी और गर्व का अवसर होता है। हालांकि स्वतंत्रता की मिठास के साथ-साथ देश को विभाजन का आघात भी सहना पड़ा। नए स्वतंत्र भारतीय राष्ट्र का जन्म विभाजन के हिंसक दर्द के साथ हुआ। जिसने लाखों भारतीयों पर पीड़ा के स्थायी निशान छोड़े। देश के बंटवारे के दर्द को कभी भुलाया नहीं जा सकता। नफरत और हिंसा की वजह से हमारे लाखों बहनों और भाइयों को विस्थापित होना पड़ा। अपनी जान तक गंवानी पड़ी। उन लोगों के संघर्ष और बलिदान की याद में 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के तौर पर मनाने का निर्णय लिया गया है। यह दिन हमें भेदभाव वैमनस्य और दुर्भावना के जहर को खत्म करने के लिए न केवल प्रेरित करेगा। बल्कि इससे एकता सामाजिक सद्भाव और मानवीय संवेदनाएं भी मजबूत होंगी।
कार्यक्रम में राजाराम ओहरी विभाग सहसंयोजक, मुन्नु कुशवाहा जिला सहसंयोजक, प्रखंड से अशोक पाटीदार प्रखंड अध्यक्ष, सुरेश डिंडोर प्रखंड मंत्री, राजेश पाटीदार कमेड सह संयोजक, रुपसिंह चंद्रावत प्रखंड गौ रक्षा प्रमुख, संदीप निनामा, कमलेश मुकाती एवं खंड के कार्यकर्ता और
विद्यार्थी उपस्थित रहे। अंत में मां भारती आरती कर कार्यक्रम का समापन किया। यह जानकारी जिला प्रचार प्रसार प्रमुख मोंटी जायसवाल ने दी।
