गुरू-शिष्य परंपरा में पैर छूने का ‘दंगल’….शिष्य आमिर ने छोड़ी सिगरेट, गुरु कृपाशंकर बोले-मुझे मिल गई गुरू दक्षिणा
जलज शर्मा,
न्यूज़ जंक्शन-18, रतलाम। वर्ष 2016 में रिलीज़ हुई फ़िल्म ‘दंगल’ के अहम किरदार बॉलीबुड अभिनेता आमिर खान ने शूटिंग के दौरान अपने कुश्ती कोच कृपाशंकर पटेल के साथ निभाई पुरातनकाल की गुरू-शिष्य परंपरा को वर्तमान व भविष्यकाल तक जीवंत कर दिया। आमिर ने अपने गुरू कृपाशंकर विश्नोई के कहने पर ही सिगरेट छोड़ी। बल्कि उन्होंने इसे ही गुरू दक्षिणा माना। इस रिश्ते के नायाब दृश्य बिरले ही देखने को मिलते है। जब कभी भी कृपाशंकर मुंबई या अन्य स्थानों पर आमिर से मिलते है। आमिर के पैर छूने की जद्दोजहद कुछ लम्हों के लिए ‘दंगल’ में तब्दील होने लगती। इस ‘दंगल’ को आमिर जीतकर आखिर पैर छू ही लेते है।
गुरू पूर्णिमा के दिन न्यूज़ जंक्शन-18 ने इसे प्रासंगिक प्रसंग मानते हुए गुरू-शिष्य परंपरा को पाठकों तक पहुंचाना लाजमी माना है।
बता दें कि कृपाशंकर का रतलाम से गहरा नाता है। ये पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल में इंदौर स्टेशन बतौर सीटीआई कार्यरत है।
‘दंगल’ फिल्म की तैयारी को लेकर आमिर खान व ‘दंगल’ की पूरी टीम ने वर्ष 2014-15 में कोच कृपाशंकर से एक वर्ष से भी ज्यादा समय तक कुश्ती के गुर सीखे है। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आमिर अपने कुश्ती गुरु कृपाशंकर बिश्नोई को याद करना नहीं भूलते है। उन्हें इस बार भी फोन के माध्यम से शुभकामनाएं दीं।

फ़िल्म में कोचिंग के वक्त लगी थी सिगरेट की भनक:- कुश्ती कोच कृपाशंकर बताते हैं कि दंगल की शूटिंग के वक्त उन्हें आमिर के सिगरेट पीने की जानकारी हुई थी। उस दौरान जब सभी को वार्मअप के लिए लाइनअप किया गया। तक आमिर के मुंह से सिगरेट की स्मेल आई। उन्होंने तबाक से पूछा कि आप सिगरेट पीकर आए है। मैंने उनसे बोला कि मैं इंडियन रेसलिंग टीम का कोच हूं। हमारे इसमें धूम्रपान वर्जित है। मैं इसे बर्दाश्त नहीं कर सकता हूं। इसके बाद आमिर सिगरेट का पैकेट व लाइटर लेकर आए और मुझसे कहा कि इसे डस्टबीन में डलवा दीजिए। बाद में शूटिंग शेड्यूल में मेरे बर्थ डे पर आमिर मुझे गिफ्ट देने आए। तब मैंने उनसे बोला कि आपने सिगरेट छोड़कर उस दिन ही मुझे गुरू दक्षिणा दे दी थी।
आमिर उम्र में बड़े, फिर भी छुते पैर-:-गुरू-शिष्य में उम्र की भिन्नता के बावजूद आमिर सम्मान का पूरा ख़्याल रखते है। दरअसल दंगल गुरू की कोचिंग और कुश्ती से प्रभावित होकर 52 वर्षीय आमिर खान 40 वर्षीय कृपाशंकर के आज भी पैर छूकर गुरु सम्मान देते है।
बकौल कृपाशंकर कि जब पहली बार आमिर ने पैर छुए तो मैं स्तब्ध रह गया था। मैंने ऐसा करने का कारण पूछा तो आमिर ने कहा कृपा जी मुझे पता है की अखाड़े में गुरु शिष्य परम्परा निभाई जाती है। पैर छूने का मतलब है गुरु के प्रति समर्पण भाव जगाना और अहंकार को खत्म करना है। बल्कि अपनी ही उपलब्धि बढ़ाना होता है।
