न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। भारत आदिवासी पार्टी से सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार का घोषित जन आंदोलन प्रशासन के अलावा आम जनता के लिए परेशानी भरा रहा। पूर्व प्लानिंग के तहत विधायक डोडियार ने समर्थकों के साथ सीमा में प्रवेश किया। तभी पुलिस ने उन्हें समर्थकों सहित अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया। वहीं जिले की सीमाओं में प्रदर्शनकारियों को सख्ती से रोका गया। हालांकि रतलाम-सैलाना रोड पर विधायक की गिरफ्तारी से नाराज समर्थकों ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। इससे यातायात की परेशानी रही।

बता दें कि डॉक्टर से विवाद के घटनाक्रम के बाद सैलाना विधायक ने बुधवार को समर्थकों के साथ रतलाम में जन आंदोलन करने की चेतावनी दे दी थी। जबकि प्रशासन ने इस आंदोलन के लिए मंजूरी नहीं दी।
सुबह से ही रतलाम जिले में प्रवेश की सीमाओं पर प्रशासन द्वारा पुलिस की तैनाती कर दी थी।
इधर, विधायक द्वारा रणनीति बदलते हुए आंदोलन स्थल नेहरु स्टेडियम के बजाय हवाई पट्टी कर दिया गया। जब विधायक डोडियार आंदोलन के लिए रतलाम पहुंचे। तभी इन्हें समर्थकों के साथ पुलिस ने अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया। इसके बाद मुख्य सड़क पर समर्थकों ने धरना शुरू कर दिया।

लोगों के लिए परेशानी का दिन रहा
प्रदर्शन के चलते बेरीकैट्स लगाने के कारण रतलाम-बांसवाड़ा मार्ग अवरुद्ध हो गया। वाहन चालकों सहित उपचार के लिए आने वाले मरीज व परिजनों को भी दिनभर परेशानी होती रही। दोपहर 1 बजे बाद मुख्य पर प्रदर्शन होने से यातायात को डायवर्ट किया। बड़े वाहन नामली होते हुए निकाले गया। हालांकि शाम 6 बजे बाद मार्ग यथावत व पूर्ववत किया गया। प्रदर्शन के दौरान आदिवासी नेता राधेश्याम काकोड़िया, आदिवासी एकता परिषद के प्रांतीय महासचिव डॉक्टर केएस डामोर, भारत आदिवासी पार्टी के जिला अध्यक्ष चंदू मईड़ा, जयस के संरक्षक नेता लक्ष्मण सिंह डिंडोर, शरद डोडियार, सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
एडीएम को दोपहर में दिया ज्ञापन
इससे पहले विधायक की गिरफ्तारी के विरोध में धरना स्थल पर नारेबाजी की गई। तब दोपहर में एडीएम शालिनी श्रीवास्तव, एएसपी राकेश खाखा ने आंदोलनकारी के पास पहुंचकर उनसे चर्चा की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि संवैधानिक तौर पर हमें धरना प्रदर्शन का अधिकार है। कानून व्यवस्था में हम कोई व्यवधान नहीं डाल रहे हैं। ज्ञापन का वाचन कर एडीएम को ज्ञापन सौपा गया।
