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जिंदादिली से जीने की सीख दे गए…. हमेशा हंसने, हंसाने वाले शख्‍स भूपेश मेहता सभी को रोता छोड़ गए

-मिलनसारिता के लिए मशहूर रहे रिटायर्ड रेलवेे कर्मचारी भूपेश लंबे समय से कैंसर से जुझ रहे थे।

न्‍यूज जंक्‍शन-18
रतलाम। जिंदादिली जीवन को सार्थक करती है…। खुशमिजाजी दूसरों को प्रभावित कर प्रेरणा भी देती है। इस ध्येय वाक्य को अमल कर हमेशा लोगों को सीख देने वाले रिटायर्ड रेलवे कर्मचारी भूपेश (दिलीप) मेहता अब दुनिया में नहीं रहे। हर समय हंसने-हंसाने वाले मेहता 27 जुलाई शनिवार को सभी को रोता छोड़ चले है। हालांकि पांच साल पहले कैंसर जैसी घातक बीमारी को एकबारगी मात देकर ये सामान्‍य जीवन की पटरी पर लौट भी आए थे। लेकिन इस बीमारी ने आखिरकार उन्‍हें बाद में पूरी तरह से जकड़ ही लिया।
बता दें बेहतर डांसर रहे मेहता बीमारी से जीतकर जब सामान्‍य जीवन में लौटे थे तो कई बार पारिवारिक इवेंट में उन्‍होंने अपनी डांस कला का प्रदर्शन कर आगंतुकों को खासा प्रभावित किया। नामी सिने अभिनेता शम्‍मी कपूर के प्रशंसक रहे मेहता अपने चहेते कलाकार की शैली में ही हूबहू डांस करते थे। इनके निधन की सूचना ने सभी को हतप्रभ कर दिया।
स्व. भूपेश मेहता नगर निगम में कार्यरत मुकेश मेहता के बड़े भाई थे। इनका पुत्र रिसांत मेहता सहित परिजन अंत तक सेवा में जुटे रहे। अंतिम यात्रा 36/10 महावीर नगर से निकाली गई। भक्तन की बावड़ी श्‍मशान घाट पर अंतिम संस्‍कार किया गया। वहां पुत्र ने मुखाग्नि दी। जुलियस चाको, पवन भटनागर, अनिल भटनागर, जोस चाको, जगदीश श्रीवास्‍तव, रिटायर्ड बैंककर्मी राजेश तिवारी, कमलेश पारिख सहित बड़ी संख्‍या में उपस्‍थ‍ित लोगों ने शोक संवेदना व्‍यक्‍त की।

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