विजिलेंस के समक्ष दोनों कलर्क की ना नुकुर….एक ने कहा-कमर्शियल में रिकॉर्ड नहीं है, दूसरे ने सफाई दी- पर्सनल को फाइल भेजे ही नहीं
-मामला कमर्शियल विभाग में ट्रांसफर व प्रमोशन की अनियमितता का।
-विजिलेंस इंस्पेक्टर द्वारा जांच के बाद दोनों क्लर्क को मुंबई किया गया तलब।
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रेलवे कमर्शियल विभाग में ट्रांसफर व प्रमोशन को लेकर पिछले दिनों विजिलेंस इंस्पेक्टर द्वारा की गई जांच व फाइल जब्ती के बाद दोनों संबंधित विभागों के क्लर्क को मुंबई विजिलेंस हेड क्वार्टर तलब किया गया। हालांकि पूछताछ के बावजूद दोनों क्लर्क ने जानकारी देने में ना नुकुर की। पूछताछ में कमर्शियल क्लर्क ने कहा कि उसके पास ट्रांसफर व प्रमोशन के कोई रिकार्ड नही है। जबकि पर्सनल विभाग के डीलिंग क्लर्क ने सफाई दी कि इससे संबंधित दस्तावेज या फाइल भेजी ही नहीं गई। दोनों की जवाबदेही को लेकर असहयोग को देखते अब इन्हें दोबारा मुंबई बुलाया जा सकता है।
मालूम हो कि कमर्शियल विभाग में कर्मचारियों के मनमाने तरीके से तबादले व प्रमोशन किए जाने की विभाग के ही कर्मचारी ने रेलवे बोर्ड दिल्ली शिकायत की थी। यह शिकायत मुंबई मुख्यालय फॉरवर्ड की गई। इसके बाद पिछले दिनों विजिलेंस इंस्पेक्टर अमरनाथ झा को रतलाम भेजा गया था। यहां से दस्तावेज खंगालने के बाद कुछ फ़ाइल मुंबई भी ले जाई गई।
इधर, 15 अप्रैल को कमर्शियल क्लर्क व कार्मिक विभाग के पर्सनल सेक्शन के डीलिंग क्लर्क (कार्यालय अधीक्षक) को विजिलेंस प्रमुख द्वारा हेडक्वार्टर मुंबई पूछताछ के लिए तलब किया गया।
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तबादलों में ऐसी अनदेखी की चर्चा
सूत्रों के मुताबिक रेलवे में आवधिक तबादलें की प्रकिया हर 4 साल में पूरी करानी जरूरी होती है। कमर्शियल क्लर्क द्वारा तैयार सूची के मुताबिक विभाग के अधिकारी द्वारा संबंधितों के तबादलें सेक्शन व स्टेशनवार किए गए। लेकिन इन्हें अगले चार साल के बजाय मेलजोल कर प्रशासनिक हित की आड़ में पूर्ववत स्थान पर बुलवा लिया गया। बताया जा रहा कि इनकी फाइलें भी पर्सनल विभाग को नहीं भेजकर अनियमितता दबाने के प्रयास किए गए। कुछ अनदेखी प्रमोशन तथा अवॉर्ड को लेकर भी की गई। यहीं वजह है कि इसे लेकर शिकायत की गई थी।
दोनों क्लर्क ने एक दूसरे पर डाला मामला
हेडक्वार्टर की विजिलेंस प्रमुख द्वारा दोनों कर्मचारियों को पूछताछ के लिए मुंबई तलब करने संबंधी लेटर वाणिज्यिक विभाग तथा कार्मिक विभाग प्रमुख को भेजे गए। यहां से कमर्शियल क्लर्क व पर्सनल सेक्शन के डीलिंग क्लर्क को सूचना देकर मुंबई भेजा गया। जानकारी मिली है कि कमर्शियल क्लर्क ने पूछताछ में कह दिया कि उसके पास कोई रिकार्ड नहीं है। क्योंकि सभी दस्तावेज पर्सनल शाखा को भेज दिए गए थे। जबकि पर्सनल शाखा के डीलिंग क्लर्क का कहना है कि पिरियोडिकल तबादलें के बाद सबंधितों को प्रशासनिक हित में बुलवाया गया। इसके दस्तावेज उन तक नहीं भेजे गए। हालांकि विजिलेंस से जुड़े मामलों में पीआरओ खेमराज मीणा का हमेशा यह मीडिया वक्तव्य रहा कि विजिलेंस की कार्रवाई पूरी तरह से गोपनीय रहती है। उन्हें इसकी जानकारी नही दी जाती है।
