Logo
ब्रेकिंग
लीकेज से मिली राहत: सीआईजी के निरीक्षण के बाद 50 से अधिक क्वार्टरों में शेड लगाने का काम शुरू केबिन की कहानी का ऐसा अंत, "झगड़ा झूठा, कब्जा सच्चा", बाबा सोमनाथ का ऐसा महाराष्ट्र प्रेम...चंदा उगा... राहत मिली लेकिन उलझन बरकरार....इंदौर रेलवे हॉस्टल बंद करने के आदेश पर कर्मचारी नेताओं के साथ DRM से ... संत श्री हरीराम जी शास्त्री के नेपाल चतुर्मास प्रवास की पूर्व संध्या पर खाटु श्याम भजन संध्या रतलाम के पुष्कर ने विपरीत परिस्थितियों को बनाया अवसर, Re-NEET में बढ़ाए अंक, अब MBBS की सीट सुनिश्चि... टीटीई से विवाद के बाद चलती ट्रेन से गिरा यात्री, दोनों पैर कटे; टीटीई पर मारपीट का आरोप रतलाम रेलवे स्टेशन: अवैध वेंडर्स के बीच फ़ास्ट फूड का खेल... उड़ा रहे नियमों की धज्जियाँ, हर कोच में प... जलभराव और कीचड़ से राहत: 'न्यूज़ जंक्शन-18' की खबर का बड़ा असर, रेल प्रशासन ने शुरू मुरम भराव का कार्य बारिश में डूबी सुविधा, तैर रहा लापरवाह सिस्टम: रतलाम डाउन यार्ड के मेंटेनेंस शॉप की रोड बनी दलदल, रे... रतलाम रेल मंडल में ₹3.06 करोड़ का सफाई टेंडर निरस्त, वित्तीय और तकनीकी अनियमितताओं के आरोपों के बाद ...

सीटीसीसी के आदेश का विरोध….सहयोग राशि से लाकडाउन में खाने के पैकेट बांटे, अब आयोजनों के लिए चंदा इकट्ठा करना प्रतिबंधित

-उज्जैन सीटीसीसी ऑफिस या लॉबी में किसी आयोजन के लिए चंदा इकट्ठा करने की मानाही।
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रेल मंडल के उज्जैन स्टेशन पर किसी भी आयोजन के लिए चंदा उगाही के प्रतिबंध संबंधी आदेश का विरोध शुरू हो गया है। उज्जैन सीटीसीसी द्वारा जारी आदेश में चेतावनी भी दी है कि ऐसे आयोजनों में विवाद की स्थिति निर्मित होती है तो संबंधित कर्मचारी या समूह के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस आदेश के विरोध में उज्जैन के रेल संगठन लामबंद होने लगे है। इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि लाकडाउन में रनिंग कर्मचारियों ने सहयोग राशि से जरूरतमंद लोगों को खाने के पैकेट बांटे थे।
मालूम हो कि सीटीसीसी उज्जैन द्वारा 2 अप्रैल 2024 को आदेश जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि उज्जैन लॉबी परिसर या सीटीसीसी ऑफिस रेल प्रशासन की अनुमति के बगैर कोई भी आयोजन नहीं होने चाहिए। इसके लिए किसी भी प्रकार की राशि, चंदा व्यक्तिगत या सामूहिक रूप से नहीं ली जा सकती है। इसे लेकर यदि विवाद की स्थिति निर्मित होती है तो निर्देशों की अवहेलना मानी जाएगी।
इधर, मामले में वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ के मंडल मंत्री अभिलाष नागर का कहना है कि सालों से धार्मिक या सामाजिक आयोजन सहयोग राशि से आयोजित किए जाते रहे है। सुंदरकांड जैसे आयोजन के लिए तो डीआरएम ने यह कहते हुए सराहना की थी कि रनिंग कर्मचारियों के मानसिक शांति के लिए बेहतर है। लाकडाउन में सहयोग राशि से ही जरूरतमंदों को 150 के करीब खाने के पैकेट बांटे थे। मामले में डीआरएम से चर्चा करेंगे।

Leave A Reply

Your email address will not be published.