Logo
ब्रेकिंग
8लेन की सड़क बनी ओपन डीज़ल प्लांट.... दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बायोडीजल से भरा टैंकर पलटा, चालक घाय... तबादलों के खेल में फुटबॉल बने कर्मचारी?.... रतलाम DRM ऑफिस का कार्मिक विभाग सुर्खियों में, गोपनीय शा... एमजे रेल रोड प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर एवं हम-लोग संस्था के अध्यक्ष सुभाष जैन को मिला रतलाम गौरव... लीकेज से मिली राहत: सीआईजी के निरीक्षण के बाद 50 से अधिक क्वार्टरों में शेड लगाने का काम शुरू केबिन की कहानी का ऐसा अंत, "झगड़ा झूठा, कब्जा सच्चा", बाबा सोमनाथ का ऐसा महाराष्ट्र प्रेम...चंदा उगा... राहत मिली लेकिन उलझन बरकरार....इंदौर रेलवे हॉस्टल बंद करने के आदेश पर कर्मचारी नेताओं के साथ DRM से ... संत श्री हरीराम जी शास्त्री के नेपाल चतुर्मास प्रवास की पूर्व संध्या पर खाटु श्याम भजन संध्या रतलाम के पुष्कर ने विपरीत परिस्थितियों को बनाया अवसर, Re-NEET में बढ़ाए अंक, अब MBBS की सीट सुनिश्चि... टीटीई से विवाद के बाद चलती ट्रेन से गिरा यात्री, दोनों पैर कटे; टीटीई पर मारपीट का आरोप रतलाम रेलवे स्टेशन: अवैध वेंडर्स के बीच फ़ास्ट फूड का खेल... उड़ा रहे नियमों की धज्जियाँ, हर कोच में प...

मुरझाए ‘कमल’ को देख अधिकारी का दिल पसीजा- कहा आगे गलती न हो, ध्यान रखा जाए

-निलंबित किए जाने के बाद वेलफेयर इंस्पेक्टर कनिक को मूल काम पर लौटाया।

न्यूज जंक्शन-18
रतलाम। ‘एक स्टेशन एक उत्पाद’ योजना के तहत 12 मार्च को उज्जैन में आयोजित कार्यक्रम में सम्मान-पत्र वितरित करने को लेकर हुई चूक को तात्कालिक त्रुटि मानते हुए अधिकारियों ने रहम दिखाई है। इसे लेकर जिम्मेदार ठहराते हुए पिछले सप्ताह वेलफेयर इंस्पेक्टर कमल कनिक को निलंबित कर दिया था। लेकिन मानवीयता के आधार पर फिलहाल निलंबन स्थगित कर दिया गया है।
दरअसल निलंबन आदेश निकाले जाने के बाद डीआरएम रजनीश कुमार ने वेलफेयर इंस्पेक्टर कनिक को अपने चेम्बर में तलब किया था।
इससे पहले विभाग की वरिष्ठ अधिकारी सीनियर डीपीओ अरिमा भटनागर ने कनिक से पुख्ता पूछताछ की। उन्होंने पहले मामले को समझा, इसके बाद कनिक को डीआरएम के समक्ष पेश किया।
बताया जा रहा है कि पूछताछ में कनिक ने डीआरएम को बताया कि समारोह में कमी के चलते कुछ प्रमाण-पत्र पृथक से छपवाने पड़े। इसमें भूलवश प्रमाण-पत्र के बजाय सम्मान-पत्र प्रकाशित कर दिया गया। कार्यक्रम की आपाधापी के चलते मौके पर इसकी जांच नहीं कर सके। इसलिए यह गलती हो गई। डीआरएम ने आगे ध्यान रखने की हिदायत दी।
हालांकि जिम्मेदारी स्वरूप विभागीय कार्रवाई (चार्जशीट) की गई।
इधर, मामले में कार्मिक विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि लापरवाही व जानबूझकर किया गया कृत्य रेलवे की प्रशासनिक व्यवस्था में माफी लायक नहीं है। लेकिन शासकीय कामकाज में भूलवश आंशिक त्रुटि होना लाज़मी है। हमारे अधिकारी द्वारा मामले मानवीयता दिखाई।

Leave A Reply

Your email address will not be published.