Logo
ब्रेकिंग
ऐसी भी बड़ी कार्रवाई.....कर्मचारियों पर सख्ती बरतने वाले पूर्व सहायक कार्मिक अधिकारी पर गिरी गाज: अनि... रेल कर्मचारियों के लिए वेस्टर्न रेलवे एम्प्लॉईज यूनियन की पहल, यूनियन कार्यालय में निशुल्क ITR फाइलि... भाजपा के राकेश मिश्रा नगर निगम एल्डरमैन नियुक्त, कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर अधूरे स्ट्रेक्चर पर लगेंगे शेड...CIG की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न: रेलवे कॉलोनियों का संयुक्त निरीक्षण ... ​ईमानदारी की मिसाल: देहरादून एक्सप्रेस में महिला यात्री का छूटा पर्स सुरक्षित लौटाया गया, कोच कंडक्ट... गौ माता के लिए ज्ञापन... 27 जुलाई को 'राष्ट्र माता' घोषित करने की मांग पर कलेक्टोरेट तक रैली, सात दि... राष्ट्रीय गुरु पूजा का तीन दिवसीय महोत्सव 24 जुलाई से, देशभर के 4000 साधक आएंगे रतलाम चाकूबाजी में जेल गए आरोपी का कारनामा, मुलाकात विंडो से बनाई रील, वीडियो में उसी पैर को दिखाया, जिसे ... Re-NEET-26... अभ्यास करियर इंस्टीट्यूट का धमाकेदार रिज़ल्ट, चयनित विद्यार्थियों के साथ विजय जुलूस, म... रेलवे स्कूल परिसर में हरित आवरण देने का जतन....गरिमामयी सामूहिक पौधरोपण कार्यक्रम, हरियाली के लिए आग...

अध्यक्ष पद की तकरार : वोटिंग की तर्ज पर रजिस्टर में हस्ताक्षर, आज ही फसलें को अड़े दावेदार

-वेस्टर्न रेलवे एम्प्लाइज यूनियन के महामंत्री ने बैठक के बाद मत जानने प्रतिनिधियों से करवाए गोपनीय हस्ताक्षर।

न्यूज जंक्शन-18
रतलाम। वेस्टर्न रेलवे एम्प्लाइज यूनियन के नए मंडल अध्यक्ष पद चयन के लिए शनिवार को बैठक हुई। इसके बाद सभी प्रतिनिधियों के मत जाने के लिए रजिस्टर में हस्तक्षर करवाएं गए। अब दावेदार महामंत्री जेआर भोसले के समक्ष आज ही फैसला करने पर अड़े है। इसे लेकर तकरार का दौर दोपहर तक जारी रहा है।
यूनियन में नए अध्यक्ष पद पर नियुक्ति को लेकर पिछले कई दिनों से असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इसके बाद 19 अगस्त शनिवार को महामंत्री भोसले सहित केंद्रीय पदाधिकारी द्वारा बैठक में फैसला लिए जाने की योजना बनाई गई।
इधर, सुबह 12 बजे बाद मंडल मंत्री मनोहर बारोठ, सभी प्रतिनिधियों के अलावा अध्यक्ष पद के दावेदार सहायक मंडल मंत्री नरेंद्र सिंह सोलंकी, हरीश चांदवानी, शैलेष तिवारी तथा ह्रदेश पांडेय भी मौजूद रहे। महामंत्री द्वारा बैठक में सबके मंतव्य लेने के बाद भी सहमति नहीं बनी। तक चारों दावेदारों को बंद कमरे में बुलाया गया।
इधर, महामंत्री ने अन्य प्रकिया के तहत प्रतिनिधियों के गोपनीय मत जानने के लिए दावेदार के कॉलम में बारी बारी से हस्ताक्षर करवाए गए।

आज फैसला करने पर अड़े दावेदार

रजिस्टर में हस्तक्षर करवाए जाए के बाद महामंत्री ने 5 से 7 दिनों में फैसला लेने की समझाई दी। लेकिन दावेदार इस बात पर अड़ गए कि फैसला आज की लिया जाए। यूनियन के सूत्रों के मुताबिक कुछ दो प्रबल दावेदारों के नाम से रजिस्टर में हस्ताक्षर ज्यादा हुए है। जबकि संगठन की पसंद के दावेदार के पक्ष में सहमति कम बनी है। इसे लेकर प्रबल दावेदार शनिवार को ही घोषणा करने पर अड़ गए है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.