Logo
ब्रेकिंग
जीएम साहब, अनुकंपा नियुक्ति नहीं दी जा रही है...यह तो सीधे बोर्ड पॉलिसी की अवहेलना, रेल संगठन पदाधिक... ये कैसा डेवलपमेंट....रेलवे में बन रहे सीसी रोड की गुणवत्ता पर सवाल, बगैर पर्याप्त बेस के डाल रहे मटे... सांसदों के बीच अनसुनी, अनसुलझी...देवास स्टेशन की समस्या उठाई, रतलाम के मुद्दे दरकिनार, यहां लगे कचरे... डीपी को लेकर तक़रार, हाई वोल्टेज खतरा बरकरार.... आश्वासन को भूले बिजली अधिकारी, बोले-डीपी तो अब वहीं ... जीएम साहब, डबलिंग प्रोजेक्ट पूरा, यात्री सुविधा सुलभ तो कीजिए....रतलाम-भिंड-रतलाम एक्सप्रेस नीमच तक ... रतलाम में दिव्य दरबार....पर्ची खुलेगी, अर्जी लगेगी, 4 से 10 जून तक गौ कथा का आयोजन नशे की हालत में टीटीई का ड्रामा...पहले वाहन चालकों को कार से टक्कर मारी, फिर जीआरपी चौकी पर हाई वॉल्... कुत्तों का आतंक, रिटायर्ड बुजुर्ग प्रहलाद सिंह राठौर का निधन....नातिन की स्कूटी पर पीछे सवार थे, कुत... मां की याद में अपनी ही फ़िल्म का फ्री प्रदर्शन... सिंधी फ़िल्म "पांहिजो त हिकरो ही यार आ” देखने पहुंचे... 30,000 पदों के सरेंडर का विरोध....पीआरकेपी टीम पहुंची मुंबई, चर्चगेट पर धरना व जीएम को सौंपा ज्ञापन

बिपरजोय का असर: क़ीमतों में टमाटर हुआ सुर्ख लाल, अदरक भी इतराया

-जिले से महंगे भाव में तूफान क्षेत्रों में जाने से टमाटर में कमी आई।
-यहां के बाजार में तीन गुना मूल्य पर बिक रहा टमाटर व अदरक।

न्यूज़ जंक्शन-18

इन दिनों क़ीमतों में बेतहाशा वृद्धि के चलते टमाटर व अदरक आम लोगों की पहुंच से दूर किचन से गायब हो गया है। 15 दिनोँ के अंतराल में टमाटर की कीमतें करीब तीन गुना बढ़ गई है। सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि बिपरजोय तूफान की वजह से रतलाम सहित आसपास जिलों से उत्पादित टमाटर गुजरात, महाराष्ट्र सहित राजस्थान में भेजा जा रहा है। कुछ असर अभी यहां हुई बारिश का भी है। इस वजह से सैलाना बस स्टेंड सब्जी मंडी में ही टमाटर थोक भाव में 80 से 100 रुपए किलो मिल रहा है। जबकि बाजारों की सब्जी मंडियों में खेरची भाव मे यह 130 से 150 रुपए किलो बेचा जा रहा है।
सब्जी विक्रेता तोलाराम माली बताते है कि तूफान का असर टमाटर पर पड़ा है। 1800 रुपए कैरेट में हल्का माल जबकि 2200 रूपए में कुछ अच्छा टमाटर मिल रहा है। छूटकर में इसे इसलिए भी महंगा बेचना पड़ रहा है, क्योंकि टमाटर लाने के बाद पूरे कैरेट में करीब आधा किलो तोल में घटती बैठ जाती है। जबकि बिक्री कम होने से आधा से एक किलो खराब हो जाते हैं। दुकान पर दूसरी सब्जियों की बिक्री की आड़ में इसे भी मजबूरी में रखना पड़ रहा है। लेकिन इसमें मुनाफा कुछ भी मिल रहा है।

अदरक भी 250 से 300 रुपए किलो

इधर, बाजार में कभी 50 से 60 रूपए किलो बिकने वाले अदरक के भाव भी आसमान पर है। छूटकर भाव अभी 250 से 300 किलो हो गए है। दुकानदारों के मुताबिक उन्हें मंडी से थोक भाव 200 से 220 रुपए किलो के मान से खरीदना पड़ रहा है। इसलिए बाजार में महंगा बेचना पड़ रहा है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

This will close in 0 seconds