Logo
ब्रेकिंग
भंडारे में भक्ति का नज़ारा...गर्मी भी नहीं डिगा सकी आस्था, भोजन प्रसादी के बाद ठंडी छाछ ने दी राहत पहले दिन ही बच्चों ने सीखे बास्केटबॉल के गुर ....25 जून तक आयोजित ग्रीष्मकालीन कैंप का शुभारंभ, अंतर... रेलवे स्टेशन पर घायल बंदर का रेस्क्यू.... वन विभाग की टीम के प्रयासों के बावजूद जाल में नहीं आया दर्द से पीड़ित, मजबूरी से आहत वानरराज, रेलवे इलेक्ट्रिक लाइन के करंट से झुलसी पूंछ एसबीआई औद्योगिक क्षेत्र शाखा के नए बीएम पालीवाल ने पद संभाला, बोले- ग्राहक सेवा व सुविधा सर्वोपरी सिंधी भाषा को समाज में बढ़ावा दिया जाए, नई पीढ़ी को बोलना अनिवार्य करें खेलों में समर्पण की सराहना....आरडीएसए अध्यक्ष डीआरएम ने मैदान में किया पूर्व डब्ल्युएलआई चांदवानी का... दूसरे सौपान में "लफ़्ज़ों का सफ़र"....बिखरे साहित्य और शायरी के रंग, हास्य फुहारों में खूब गुदगुदाय... रामगढ़ के श्री राम मंदिर में धर्मगंगा....तीन दिवसीय आयोजन 13 से, संगीत उत्सव नानीबाई का मायरा व भजन स... इंदौर-जोधपुर ट्रेन जैसलमेर तक चलाई जाएं.... पुष्करणा ब्राह्मण समाजजन सांसद शंकर लालवानी से मिले, की ...

रतलाम रेलवे स्टेशन: फर्म का दबदबा, ठेकाकर्मी की मौज, रेल यात्री का पानी हवा-हवाई

 

–ट्रेनों में भरने के वॉल्व से प्लेटफॉर्म पर रोज उड़ा रहे गेलनो पानी।
-करोड़ों का सफाई ठेका चलाने वाली फर्म के आगे नकमस्तक अफसर।
-सफाई के बजाय वॉल्व के पानी से धुलाई कर रहे ठेकाकर्मी।

न्यूज जंक्शन-18
रतलाम। रेलवे में करोड़ो रुपए का ठेका लेकर यदि मनमानीपूर्वक काम की रस्मअदायगी करना है तो इसके लिए रतलाम रेल मंडल मुख्यालय सर्वाधिक माकूल जगह है। रेलवे स्टेशन पर सफाई के लिए नियुक्त फर्म की मनमानी लगभग यही बयां कर रही है। ट्रेनो में पानी भरने के लिए लगे वॉल्व से प्लेटफॉर्म की धुलाई कर गेलनों पानी की बर्बादी में कोई कसर नही छोड़ी जा रही है। दूसरी ओर कुड़ेल डेम में इसी माह पानी कम होने से आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है। संभवतः इसी माह रेलवे पानी खरीदी के लिए टैंकर परिवहन शुरू कर सकता है। आम लोगों के जेब से कमाएं रेलवे राजस्व का दोहरा नुकसान उठाना पड़ेगा।
मालूम हो कि रेलवे स्टेशन पर सीटीएस के तहत कोच की सफाई के साथ ही प्लेटफॉर्म ट्रैक सहित सर्कुलेटिंग एरिया की सफाई के लिए 4 साल का ठेका है। इसके लिए रेल राजस्व फंड से मोटी राशि खर्च की जा रही है।

 

निरीक्षण बंद, मनमानी जारी

स्टेशन पर पहले कभी अधिकारियों के नियमित निरीक्षण से ठेका कर्मचारियों व फर्म में ख़ौफ़ था। फर्म पर जुर्माने का भय बना रहता था। कार्रवाई का भय खत्म होने से ऐसी मनमानी चरम पर है। मामले में जिम्मेदार अधिकारी का कहना है कि ठेकेदार सफाई के लिए नियुक्त मशीनों के लिए पानी का उपयोग कर सकता है। लेकिन प्लेटफॉर्म पर धुलाई के लिए पानी बहाना गलत है। इसके उलट स्टेशन पर सार्वजनिक रूप से मनमानी अलग कहानी बयां कर रही है।

हर सप्ताह डेम में पानी की कमी
रेलवे द्वारा वर्तमान में पानी की आपूर्ति कुड़ेल डेम से की जा रही है। गर्मी की दस्तक के बाद जून ख़त्म तक हर सप्ताह डेम में पानी कम होने लगेगा। पानी के संकट से निपटने के लिए हर साल वाटर स्पेशल ट्रेन चलाई जाती है। ट्यूबवेल से आपूर्ति के अलावा निविदा के तहत टेंकर परिवहन भी करवाए जाते है। आगामी दिनों की संभावित इन व्यवस्थाओ के विपरित रेलवे स्टेशन पर जमकर पानी की बर्बादी व जिम्मेदारों की अनदेखी आश्चर्यजनक पहलू है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.