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कोच में कांकरोच की लुकाछिपी, कीटनाशक भी बेअसर, खिलता कमल मुरझाया गया

+सीनियर सीडीओ को फोर्स लीव मामले में रेलवे अगली कार्रवाई की तैयारी में
-सफाई ठेकेदारों के दबाव की भी कर्मचारी जता रहे आशंका

न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रतलाम रेल मंडल के इंदौर कोचिंग डिपो में कार्यरत सीनियर सीडीओ कमलसिंह चौधरी पर कार्रवाई का मामला अभी भी सुर्खियों में बना है। कार्रवाई की मूल वजह मालवा एक्सप्रेस में सफर के दौरान रेलवे बोर्ड चेयरमैन को कांकरोच दिखाई देना माना गया है। मगर अन्य वजहों को लेकर भी कर्मचारी व अधिकारियों में आशंकाओं की खूब चर्चा है। सीनियर सीडीओ चौधरी को छुट्टी पर भेजने के बाद अब उन्हें भोपाल तबादला किए जाने की तैयारी चल रही है। मगर फिलहाल आदेश जारी नही हुए है।
मालूम हो कि डीआरएम रजनीश कुमार ने इंदौर में कुछ अधिकारियों के साथ इंदौर में डेरा डाला था। 16 मार्च को सुबह पूरे रतलाम मंड़ल में इस खबर ने सनसनी फैला दी कि सीनियर सीडीओ कमलसिंह चौधरी पर फोर्स लीव की करवाई की गई।

रेल मंडल में करोड़ो के सफाई ठेके
रेल मंडल में करोड़ों रुपए के सफाई ठेके चल रहे है। चलती ट्रेन में सफाई ओबीएसएच के तहत करवाई जा रही है। वहीं मैकेनाइज्ड कोच क्लिनिंग के तहत कोच सहित प्लेटफॉर्म व सर्कुलेटिंग एरिया की सफ़ाई चल रही है। ये अलग-अलग ठेके अधिकतम 50 करोड़ रुपए तक है। सूत्र बताते हैं कि इसमें कई जिम्मेदारों के हित व अहित जुड़े हुए है। जबकि इसकी टेंडर सहित अन्य कार्रवाई में रेलवे बोर्ड, जोन मुख्यालय सहित मंडल स्तर पर प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से दखल है। यहीं वजह है कि ठेकेदारों की पकड़ भी उच्च स्तरीय कार्यालयों तक रहती है।

भोपाल भेजने की चर्चा

फोर्स लीव की कार्रवाई के बाद बताया जा रहा कि सीनियर सीडीओ को भोपाल भेजे जाने की संभावना है। चौधरी रतलाम मंडल में पिछले एक दशक से कार्यरत है। मंडल मुख्यालय पर वे डीजल शेड में सीनियर डीएमई, मंडल कार्यालय में दो बार सीनियर डीएमई मैकेनिकल पद पर कार्यरत रहे है। कड़क मिज़ाज व कार्यशैली के अलावा इनके अधिकारियों से भी आए दिन भिड़ंत भी होती रही है। तब कई बार मीडिया रिपोर्ट व खबरें प्रकाशित होती आई।

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