Logo
ब्रेकिंग
CCCTS पदोन्नति: चयन प्रक्रिया से लेकर अंतिम सूची तक गड़बड़झाला....सूची में बरती गई भारी अनियमितताएं: प... सेवापथ के सेवा प्रकल्पों का पुरस्कार.... राम काज के पर्याय बने राम व पत्नी अनुराधा दिल्ली में सम्मान... भव्य संगीत कार्यक्रम ‘आलाप-02’ के पोस्टर का विमोचन.... 10 जनवरी 2027 को रतलाम में सजेगी सुरों की महफ... रेल कर्मचारी के हितों पर हुआ मंथन.... रतलाम में PRKP का 24वाँ जोनल अधिवेशन, शैलेष म्हात्रे बने जोनल ... रतलाम रेल मंडल में एक बार फिर हादसा: मंदसौर स्टेशन पर पटरी से उतरी टावर वैगन, रेल यातायात प्रभावित प्राचेती गेरा का बैडमिंटन में शानदार प्रदर्शन, वेस्ट जोन प्रतियोगिता के लिए चयन, गुजरात के आनंद में ... गरीब रथ एक्सप्रेस में टीटीई से मारपीट मामला....जीआरपी की ढिलाई, एक भी यात्री को नहीं उतारा, नामजद एफ... पश्चिम रेलवे कर्मचारी परिषद का जोनल अधिवेशन आज, केंद्रीय कार्यकारिणी बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा गरीब रथ एक्सप्रेस में मारपीट मामला.... सिटी बजाने से रोकने पर TTI पर किया हमला, चेहरा लहूलुहान और दा... गरीब रथ ट्रेन में वकील यात्रियों से रतलाम के तीन टीटीई का विवाद, टीटीई से की गई जमकर मारपीट

रतलाम–धौसवास डबलिंग में लेटलतीफी का नज़ारा…. एन वक्त तक सिविल वर्क्स चलता रहा और सीआरएस निरीक्षण करते रहे

न्यूज़ जंक्शन-18

रतलाम। रतलाम-नीमच डबलिंग प्रोजेक्ट में भी आखिर ठेकेदार की मनमानी चली। सीआरएस निरीक्षण के पहले तक सभी काम पूरे होने थे। लेकिन मंगलवार को सीआरएस निरीक्षण के दौरान ही सिविल वर्क्स भी चलता रहा। इससे प्रोजेक्ट के काम को लेकर भी सवाल उठने लगे है।
मालूम हों कि पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल के अंतर्गत लगभग 133 किलोमीटर लंबे नीमच-रतलाम सेक्शन का काम चल रहा है।
31 मार्च 2026 को रतलाम-धौसवास के बीच 1.9 किलोमीटर लंबे सेक्शन का रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) ई. श्रीनिवास द्वारा निरीक्षण एवं गति परीक्षण किया गया।


इस दौरान उन्होंने सेक्शन में बनाए गए ब्रिज, ओवरहेड इक्विपमेंट (ओएचई), रेलवे ट्रैक, सिग्नलिंग सहित अन्य सभी संरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का परीक्षण किया। निरीक्षण यान को लगभग 120 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से चलाकर ट्रैक की गुणवत्ता और संरक्षा मानकों की जांच की गई। इसके बाद इस सेक्शन में यात्री एवं मालगाड़ियों के संचालन के लिए उपयुक्तता प्रमाण-पत्र जारी किया गया।
रतलाम से नीमच के बीच कुल 133 किलोमीटर लंबे इस रेलखंड में से अब तक लगभग 117 किलोमीटर रेल लाइन का डबलिंग पूरा किया जा चुका है। इस परियोजना के शेष हिस्सों अर्थात मंदसौर–दलौदा रेल खंड पर कार्य तीव्र गति से जारी है।

निरीक्षण के दौरान ही सिविल वर्क्स चलता रहा:- सीआरएस निरीक्षण को अब हल्के में लेने का नज़ारा भी इस दिन दिखाई दिया। निरीक्षण के दौरान एलसी गेट नंबर 192 पर सिविल इंजीनियर काम किया जा रहा था।

Leave A Reply

Your email address will not be published.