न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। इंदौर डेमू पैसेंजर से 72 बोतलें शराब झोलें में लिए व्यक्ति उतरें। वैसे ही जीआरपी ने इन्हें जीआरपी ने घेराबंदी की। हालांकि तलाशी के दौरान मौके तीन आरोपी भाग निकले। लेकिन इनके द्वारा लाई 72 बोतलें जब्त की है। बाद में मामले में पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया।
दरअसल स्वतंत्रता दिवस एवं आगामी त्यौहारों के मद्देनज़र रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था को दृष्टिगत पुलिस अधीक्षक रेल इंदौर संतोष कोरी के आदेशानुसार व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मनीषा पाठक सोनी एवं उप पुलिस अधीक्षक श्रीमती ज्योति शर्मा के मार्गदर्शन में जांच अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाए रखने व अवैध मादक पदार्थों व शराब के परिवहन की रोकथाम के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश थे।
जीआरपी थाना रतलाम की टीम द्वारा प्लेटफॉर्म एवं उसके आसपास के क्षेत्र में गश्त की जा रही थी। इसी दौरान जीआरपी टीम द्वारा विशेष सूचना के आधार पर रतलाम रेलवे स्टेशन पर 54 लीटर (72 सीलबंद बोतलें) अवैध अंग्रेजी शराब जब्त करते हुए दो स्कूटी वाहन भी कब्जे में लिए हैं।
घटना का विवरण:- जीआरपी थाना प्रभारी मोतीराम चौधरी ने बताया कि रतलाम में पदस्थ सब इंस्पेक्टर भूरालाल मंडोड को शराब के बारे में विश्वसनीय मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई थी। इंदौर से आने वाली लोकल डेमू ट्रेन से दो व्यक्ति भारी मात्रा में अवैध शराब लेकर प्लेटफार्म क्रमांक 2 पर उतरने वाले हैं। ट्रेन के आगमन पर दो संदिग्ध व्यक्ति भारी झोले व एक नीले रंग के प्लास्टिक कट्टे के साथ प्लेटफार्म से बाहर निकले। पहले से खड़ी स्कूटी (MP 43 ZK 8999) पर शराब लादने लगे। इस दौरान एक अन्य व्यक्ति दूसरी स्कूटी (MP43 ZK7308) पर उनकी निगरानी करता दिखाई दिया। पुलिस द्वारा घेराबंदी की कोशिश करते ही तीनों आरोपी भीड़ का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। पुलिस टीम ने दोनों स्कूटी व अवैध सामग्री को जब्त कर फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
73,800 रुपए का आंकलन :- झोले व कट्टे से विभिन्न ब्रांड की कुल 72 सीलबंद शराब की बोतलें बरामद हुईं है। जिनकी कुल मात्रा 54 लीटर एवं अनुमानित बाजार मूल्य 73,800 रुपए है। साथ ही, घटनास्थल से दो स्कूटी वाहन (MP43 ZK8999 और MP43 ZK7308) भी जब्त की गईं। जिनकी अनुमानित कीमत 1,50,000 रुपए है।
टीम में इनकी भूमिका:- इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक मोतीराम चौधरी के नेतृत्व में सउनि भूरालाल मंडोड, प्र.आर. मो. रईस, आर. पुष्पेन्द्र सिंह, आर. संजय ढाबी, आर. मनीष कटारा एवं आर. गोपाल जमोरे की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिनकी सतर्कता एवं त्वरित प्रतिक्रिया से यह कार्रवाई सफल हो सकी।
