कांवड़ यात्रा का क्रम जारी….पंच परिवर्तन यात्रा निकाली, फुहारों के बीच सोमवार करेंगे महाकाल का जलाभिषेक
-जगह-जगह हुआ भव्य स्वागत, 100 से अधिक श्रद्धालु हुए उज्जैन के लिए रवाना
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। सावन मास में कावड़ यात्रा निकालने का क्रम जारी है। शुक्रवार को 4वें वर्ष पंच परिवर्तन कावड़ समिति द्वारा यात्रा 2025 का आयोजन किया गया। इसमें शिव लहरी रे शिव लहरी, भोले तेरे दरबार, उज्जैन के राजा शिव लहरियों के साथ यात्रा में कावड़िये झूमते नाचते निकले। प्रारंभ समिति और सभी कावड़ यात्रा में शामिल सदस्यों के साथ शहर के गणमान्य लोगों और भक्तों के साथ हुआ। सुबह थावरिया बाजार स्थित पंचेश्वर महादेव पंचमुखी हनुमान मंदिर पर भ क्त एकत्रित हुए।
यहां पंचेश्वर महादेव समिति सहित समस्त हिन्दू संगठन के सदस्यों आदि ने पंचमुखी हनुमान मंदिर पर विधिवत पूजन किया। शिव और शक्ति के गण की महाआरती उतारी गई। बैंड, बाजों, ढ़ोल की थाप पर उत्साह के साथ नृत्य करते रहे। कोई नम: शिवाय की स्वर लहरियों में मोहा दिखा तो कोई सावन की फुहारों के बीच नाचता रहा।

कावड़िए पैदल माही और शिवना का जल लेकर सोमवार तड़के उज्जैन पंहुचेंगे। यहां सुबह सभी रतलामवासियों की ओर से बाबा महाकाल का जलाभिषेक करेंगे। रास्ते भर भक्तों के ठहरने, खाने, पीने के भी प्रबंध भी किए गए हैं।
इसके पहले शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे थावरिया बाजार से पूजन करने के बाद यात्रा पंचेश्वर महादेव से होते हुए थावरिया बाजार, सूरजपुर, पैलेस रोड, नगर निगम, मेंहदीकुई बालाजी, कलिका माता, महू रोड सालाखेड़ी से सातरूंडा होती हुई सोमवार को उज्जैन पहुंचेगी इस कावड़ यात्रा में करीब 100 भक्त शामिल होंगे
इसलिए नाम है परिवर्तन कावड़ यात्रा:- दीवार लेखन, जयघोष वाक्य, स्व का जागरण, स्वदेशी को अपनाऐंगे, देश को बचाऐंगे, मातृभाषा में करेंगे बात, घर विद्यालय या हो व्यापार, अपनी भाषा, वेष हमारा, संस्कारों से अपना नाता, देसी समान-स्वदेशी व्यवहार, देसी ब्राह्मण-स्वदेशी आहार, हर घर बनेगा पूर्ण स्वदेशी, स्थानीय सामान से करेंगे पूर्ति जैसी नारों के साथ निकाली गई पंच परिवर्तन कावड़ यात्रा का उद्देश्य है।
