रेलवे सीसीटीसी कैडर…अनियमितता के ट्रैक पर नियम बेपटरी, चार नहीं कई दिनों की चांदनी, इनके लिए पूरी अंधेरी रात
न्यूज जंक्शन-18
रतलाम। वर्ष 2018 में हुई रेलवे सीसीटीसी कैडर की भर्ती के बाद अब इस कैडर के लिए निर्धारित नियमों का अमल न होने से कर्मचारी अपने हक से वंचित व कुशलता के लाभ से वंचित हो रहे है। दरअसल आवधिक तबादलों की अनदेखी, पदस्थापना में तालमेल का अभाव तथा युक्तियुक्तकरण दरकिनार किए जाने से रेलवे बोर्ड की गाइडलाइन औचित्यहीन साबित हो रही है।
आरोप लगने लगे कि सीसीटीसी भर्ती के नियमों का पालन कतई नहीं हो रहा है। इससे रतलाम मंडल में इस कैडर में शामिल व अलग-अलग यूनिट में कार्यरत अन्य कर्मचारियों को न्याय नहीं मिल रहा। बल्कि आर्थिक अनियमितताओं की पूरी आशंकाएं बढ़ने लगी है। परेशानी के चलते दबी जुबान में कर्मचारियों की आवाजें मुखर होने लगी है।
बता दें कि रेलवे बोर्ड के नियम है कि सीसीटीसी कैडर में टीसी, कमर्शियल क्लर्क, इन्क्वायरी कम रिजर्वेशन क्लर्क ग्रूप को शामिल किया गया है। यानी इसमें आरआरबी के तहत सीधी या विभागीय भर्ती में चेकिंग के अलावा बुकिंग, पार्सल व लगेज तथा रिजर्वेशन ऑफिस में तय आवधिक अवधि होती है। तब इनके एक से दूसरी यूनिट में तबादलें किए जा सकेंगे।
अब रतलाम मंडल की बात करें तो वर्ष 2018 के बाद हुई भर्ती में जो टीसी के रूप में कार्यरत है। उनके चार साल पूरे होने के बाद उन्हें नियमों से अन्य यूनिट में पदस्थ किया जाना चाहिए। यह प्रक्रिया अभी तक लंबित है। दूसरी ओर पीआरओ खेमराज मीणा का मानना है कि नियमों से आवधिक तबादले किए जाते हैं।
ऐसी अनदेखियां, ऐसा नुकसान भी संभव
– जो कर्मचारी सीसीटीसी में लगे हैं। इनके अब प्रमोशन की भी तैयारियां हैं। ऐसे में टीसी कर्मचारियों की इसी केटिगिरी में प्रमोशन हो जाना है। माना जा रहा कि ये नियमों की अवहेलना कहलाएगी।
– वर्तमान टीसी केटिगिरी में कुछ कर्मचारियों के विजीलेंस या पुलिस केस भी हैं। ऐसे में कर्मचारियों को चेकिंग की पब्लिक सेवा से हटाना जरुरी है। ये अधिकारी के विवेकपूर्ण आदेश के अधीन है।
– आवधिक तबादलें न होने या प्रमोशन का लाभ मिलने से आर्थिक अनियमितताओं की आशंकाएं भी बढ़ना तय है। क्योंकि ट्रेन में पब्लिक डीलिंग व केश से जुड़ी यह पोस्ट भी सेंसेटिव है।
– रेल मंडल में ऐसे कर्मचारियों को भी पदोन्नति का लाभ मिला है, जो दूसरे मंडल या जोन से डाउन सीनियरटी की शर्त पर यहां आए थे। मामले में न्यायालयीन वाद भी लगे है।
– सीसीटीसी नियमों के पालन न होने से पार्सल, लगेज, रिजर्वेशन तथा टिकिट विंडों पर कर्मचारियों की कमी गहराती जा रही है। इन यूनिट पर कर्मचारी पर काम का भारी दबाव हैं।
