नामली में सहकारिता की नई मिसाल: पहली बार सरकारी दर पर मिला प्रमाणित सोयाबीन बीज, किसानों में खुशी की लहर
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम/नामली। किसानों को उचित मूल्य पर गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए पारस्परिक किसान उत्पादक सहकारी संस्था मर्यादित, नामली (एफपीओ) ने नगर के इतिहास में पहली बार सदस्य किसानों को सरकारी दर पर प्रमाणित सोयाबीन बीज उपलब्ध कराया है। इस पहल से क्षेत्र के किसानों में विशेष उत्साह एवं प्रसन्नता का माहौल है।
संस्था के अध्यक्ष कीर्ति कुमार जायसवाल ने बताया कि केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय, राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) तथा राज्य सहकारी संघ के मार्गदर्शन में संचालित संस्था को राज्य बीज उत्पादक एवं विपणन संघ, भोपाल द्वारा सोयाबीन की दो उन्नत एवं प्रमाणित किस्मों के बीज उपलब्ध कराने का अवसर प्राप्त हुआ। भोपाल कार्यालय से प्राप्त निर्देशानुसार किसानों को सरकारी दर पर बीज वितरण के लिए मात्र दो दिन का समय दिया गया था। 50 प्रतिशत अग्रिम राशि जमा कराना अनिवार्य किया गया था।
जायसवाल ने बताया कि संस्था से जुड़े जागरूक एवं प्रगतिशील किसानों ने अभूतपूर्व तत्परता का परिचय देते हुए केवल 24 घंटे के भीतर अग्रिम राशि जमा कर अपना बीज आवंटन सुनिश्चित कर लिया। किसानों की इस सक्रियता और संस्था के सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप नामली क्षेत्र में पहली बार सरकारी दर पर प्रमाणित सोयाबीन बीज वितरण संभव हो सका। कृषक विजय चौधरी ग्राम बड़ौदा को पुष्पमाला तथा मिठाई खिला कर सम्मान किया गया।
आयोजित वितरण कार्यक्रम में संस्था के उपाध्यक्ष पुखराज जाट, संचालक दिलीप सिंह सोलंकी, संजय राठौड़, नवीन धारवा, राजेश कर्णधार तथा संस्था सदस्य कृषक कमलेश जायसवाल, प्रकाश उपाध्याय, वरिष्ठ किसान साथी रमेश तालोदिया, भाजपा पूर्व मंडल अध्यक्ष मदन लाल परमार सहित अन्य पदाधिकारियों एवं किसानों की उपस्थिति में बीज वितरण का शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने संस्था की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि प्रमाणित बीज की सरकारी दर पर उपलब्धता से खेती की लागत कम होगी। उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी तथा किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त होगा।
यह पहल न केवल किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम है। बल्कि सहकारिता के माध्यम से किसानों को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने की दिशा में भी एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।
