डीआरएम कप क्रिकेट टूर्नामेंट…अपने नियम, फिर भी ऑफिसर्स हारे, टूर्नामेंट में एक भी डिवीजन खेल चुका या स्पोर्ट्स कोटे का खिलाड़ी नहीं
-ऑफिसर्स की टीम को ऑपरेटिंग ने हराया, दो अन्य भी रोचक हुए, 7 को सेमीफाइनल मैच।
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। ऑफिसर्स टीम को जिताने के प्रयास में रतलाम मंडल खेलकूद संघ (आरडीएसओ) ने अपने हिसाब से नियम तैयार किए। शर्ते बनाई गई तथा शासकीय धन भी खूब खर्च किया गया। बावजूद ऑफिसर्स की टीम मैदान में दम नही भर सकी। बल्कि हाफ़कर धराशायी हो गई। ऑपरेटिंग विभाग की टीम के साथ हुए मैच में आखिरकार हार का सामना करना पड़ा।
शिमला कॉलोनी स्थित हरे-भरे आरपीएफ ग्राउंड में डीआरएम क्रिकेट कप के तहत बुधवार को तीन मैच खेले गए। इसमें दो मैच में टीआरओ तथा इंजीनियरिंग विभाग की टीम ने जीत दर्ज की। अब 7 मार्च से सेमीफाइनल मैच खेले जाएंगे।
मालूम हो कि डीआरएम कप में ऑफिसर्स की टीम की सफलता प्रतिष्ठा का सवाल था। इसे लेकर खेल जगत से जुड़ी आम चर्चाएं खास बनी हुई है। दरअसल पिछले दिनों बड़ौदा में हुए टूर्नामेंट में यहां से खेलने गई इसी ऑफिसर्स की टीम को पहली बार शिकस्त का सामना करना पड़ा था।
इसके बाद आरडीएसओ द्वारा रतलाम में विभागीय टूर्नामेंट के आयोजन का एलान किया गया। तब टीम की जीत के लिए कुछ अचरज भरे नियम गढ़े गए।
50 साल के खिलाड़ियों से भी भय:- चर्चा यह है कि डिवीजन खेल चुके खिलाड़ियों सहित स्पोर्ट्स कोटे के खिलाड़ियों को ही इस टूर्नामेंट से वंचित कर दिया गया। इससे कि ऑफिसर्स की टीम की जीत का रास्ता साफ हों। जबकि डिवीजन खेलने वाले अधिकांश खिलाड़ी 50 उम्र पार हो चुके है। यदि ऐसे खिलाड़ी टीमों में होते तो टूर्नामेंट एक तरफा होने के बजाय और भी रोचक भरा रहता।
इधर, आरडीएसओ के जिम्मेदारों का सफाई में कहना है कि नए खिलाड़ियों को मौका देने के लिए ऐसे नियम तैयार किए गए।
इस बीच एक बात और उभरकर आ रही है कि कुछ नए ऑफिसर्स आरडीएसओ की कमान थामना चाहते है। जबकि वर्तमान बॉडी चाहती है कि आरडीएसओ की कुर्सी उन्ही के पास रहे। इसलिए भी टीम के चयन का आधार पेचीदा रखते हुए ऑफिसर्स की टीम को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया।
हालांकि ऐसी रणनीति काम नहीं आ सकी। इस टीम के लिए शासकीय फंड से महंगी ड्रेसकोड सहित स्पोर्ट्स सामग्री खरीदी गई। साथ ही मैदान में रात्रि दुधिया रोशनी (बिजली खपत कर) के इंतजाम कर अभ्यास किया गया। बावजूद सफलता हाथ नहीं लगी।
इधर, बुधवार को ही दो अन्य मैच डीजल शेड व टीआरओ के बीच खेला गया। इसमें टीआरओ की टीम ने 37 रनों से जीत दर्ज की। इस टीम के खिलाड़ी मुकेश मेन ऑफ द मैच चुने गए।
इसी तरह सीएन्डडब्ल्यू व इंजीनियरिंग की टीम के बीच मैच में इंजीनियरिंग की टीम 109 रनों से जीती। इंजीनियरिंग के अमित को मेन ऑफ द मैच चुना गया। रात्रिकालीन मैच ऑफिसर्स व ऑपरेटिंग विभाग की टीम के बीच मैच हुआ। इसमें ऑपरेटिंग की टीम 6 विकेट से मैच जीती।
टूर्नामेंट में 7 मार्च से सेमीफाइनल मैच खेले जाएंगे। इसमें टीआरडी व टीआरओ तथा इंजीनियरिंग व ऑपरेटिंग की टीम के बीच मैच खेला जाएगा।
