शातिर वारंटी की काम नहीं आई शातिरी….पहचान छिपाने साबिर से बिहारी बाबू बना, रतलाम से महाराष्ट्र में रहने गया, वहां से धराया
-आरपीएफ के सहायक उपनिरीक्षक ने धरदबोचने की कार्रवाई की।
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। सालों से फरार चल रहे वारंटी आरोपी भले ही रतलाम से महाराष्ट्र रहने चला गया। पहचान छिपकर उसने अपना नाम साबिर से बिहारी बाबू रख लिया। लेकिन आरपीएफ के उपनिरीक्षक ने आखिर उसे खोजकर जेल की सलाखों तक भिजवा ही दिया। महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में आरपीएफ रतलाम के सहायक उप निरीक्षक विजेंद्र सिंह तोमर ने इसे धरदबोचा। रतलाम के एक पुराने प्रकरण में स्थाई वारंटी आरोपी साबिर शाह पिता भूरू शाह (32 वर्ष) निवासी बिरियाखेड़ी, (सेंट्रल बैंक के सामने) रतलाम को जब उसके दिए गए पते पर तलाश की गई। तब वह यहां नहीं मिला तो सहायक उप निरीक्षक तोमर ने मुखबिर सक्रिय किए।

सूचना प्राप्त हुई कि उक्त स्थाई गिरफ्तारी वारंटी अपना नाम बदल कर महाराष्ट्र नांदेड़ जिले में रहा रहा है। बाद में सहायक उप निरीक्षक तोमर द्वारा काफी पूछताछ कर खोजबीन की। पता चला कि उक्त आरोपी महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में मदीनानगर गांव में अपना नाम बिहारी बाबू बदल कर रह रहा है। तब गुप्त निगरानी व पूछताछ के साथ ही फोटो से पहचान की गई। अर्धापुर में मदीनानगर में घेराबंदी कर उक्त वारंटी को आखिर भागते हुए पकड़ाल लिया। आरोपी को रतलाम लाकर न्यायालय जुडिशल मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी के समक्ष पेश किया गया। जहां माननीय मजिस्ट्रेट द्वारा उक्त आरोपी को जिला सर्किल जेल रतलाम के लिए जेल वारंट बनाया गया। बाद उक्त वारंटी को जिला जेल में भेजा गया।
