-रेलवे ट्रैकमैन को लेकर विभागों में अलग-अलग दावे, बनी हुई संशय की स्थिति।
न्यूज जंक्शन-18
रतलाम। दिवंगत रेलवे ट्रैकमैन नंदा पिता रादू के स्थान पर छोटे भाई थावरिया पिता रादू द्वारा फर्जी तरीके से नौकरी करने के आरोप को लेकर अब विभागों में भी अलग-अलग दावें किए जा रहे है। यह मामला और पेचिदा हो गया, जब कर्मचारी का 31 दिसंबर 2024 को रिटायरमेंट है। दरअसल इस माह के कर्मचारियों के रिटायरमेंट की लिस्ट में दिवंगत कर्मचारी का नाम दर्ज तो है। लेकिन रेलवे द्वारा इसके रिटायरमेंट संबंधित हस्ताक्षरित दस्तावेज तैयार नहीं किए गए है। नहीं इससे जुड़ी फाइल तैयार कर एकाउंट्स विभाग को भेजी गई। ऐसे में मामले को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है। दूसरी ओर यह मामला उजागर हुआ है। तब से लेकर अब तक कर्मचारी के भाई को लेकर अलग-अलग दावें किए जा रहे है। कुछ हद तक संबंधित विभागों में खिंचतान की स्थिति भी बनी हुई है।
मालूम हो कि मामला उजागर होने के बाद रेलवे द्वारा कर्मचारी के नाम का बैंक खाता सीज करने की बात सामने आई थी। वहीं विभाग द्वारा फौरी तौर पर ट्रैकमैन कर्मचारी के नाम के रिकॉर्ड के मान से इसे निलंबन आदेश भी जारी किया गया।
एक दूसरे पर ढोल रहे विभाग
मामले को लेकर इंजीरियरिंग विभाग तथा कार्मिक विभाग में खिंचतान की बातें भी सामने आई है। दरअसल की सेवानिवृत्ति को लेकर कार्मिक विभाग के वेल्फेयर इंस्पेक्टर एसएन बैरागी ने दस्तावेजी कार्रवाई शुरू की तो प्रारंभिक जांच में भनक लगी की जो कर्मचारी काम कर रहा है। वह असल में दिवंगत कर्मचारी का छोटा भाई थावरिया है। इसकी सच्चाई के लिए बैरागी पैतृक गांव पहुंचे तो परिजनों एवं ग्रामीणों के बयान में मामला स्पष्ट हुआ कि ट्रैकमैन नंदा की मौत हो चुकी है।
दूसरी ओर कर्मचारी के मूल विभाग इंजीनियरिंग विभाग के संबंधित इंजीनियर यह मानने को तैयार नहीं हुए कि जो कर्मचारी कार्यरत है वह छोटा भाई है।
इधर, मामला पश्चिम रेलवे मुंबई जोन तक पहुंचने पर जांच एजेंसिंया भी सक्रीय हुई। लेकिन कार्मिक विभाग की पहल पर जीआरपी द्वारा अभी तक मामला भी दर्ज नहीं किया है।
लिस्ट जारी 10वें नंबर पर ट्रैकमैन का नाम
दिसंबर अंत में जिन कर्मचारियों का रिटायरमेंट है। उनकी विभाग द्वारा 23 दिसंबर 2024 को लिस्ट जारी की है। इस लिस्ट में दिवंगत माने जा रहे कर्मचारी नंदा का 10वें नंबर पर नाम दर्ज है। कार्मिक विभाग द्वारा इसके रिटायरमेंट संबंधित दस्तावेज तैयार नहीं किए है। ऐसे में कर्मचारी के रिटायरमेंट को लेकर संशय की स्थिति है। दूसरी ओर यह भी बात सामने आई है कि बयान से पलटते हुए दिवंगत ट्रैकमैन की पत्नी द्वारा डीआरएम को मैसेज भी किया गया है।
यह है मामला
रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग में कार्यरत ट्रैकमैन की चार साल पहले मौत के बाद छोटा भाई स्वयं कर्मचारी बनकर हर माह पगार उठाता रहा। कर्मचारी की दिसंबर 2024 में रिटायरमेंट है। इसके दस्तावेजी कार्रवाई में बीट इंचार्ज वेल्फेयर इंस्पेक्टर बैरागी ने मामला पकड़ा। इसकी सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दी। मामला डीआरएम के संज्ञान में दिया गया। इसके बाद बैंक खाता सीज करने की कार्रवाई भी की गई।
यह मामला रतलाम रेल मंडल के पालिया-लक्ष्मीबाई नगर सेक्शन का है। इस सेक्शन में डॉ. अंबेडकर नगर महू सीनियर सेक्शन इंजीनियर के अधीन कार्यरत ट्रैकमैन नंदा पिता रादू का 20 जून 2020 में किसी कारणवश निधन हो गया था। इसकी सूचना विभाग को दिए बगैर छोटे भाई थावरिया पिता रादू ने स्वत: ही नौकरी पर आना शुरू कर दिया। साथ ही भाई की ग्रेडपे के मुताबिक बनने वाली पगार भी स्वयं छोटा भाई लेता रहा। रिटायमेंट की पूर्व कार्रवाई के चलते पूछताछ एवं समय पर दस्तावेज नहीं भेजे जाने पर वेल्फेयर इंस्पेक्टर एनएस बैरागी द्वारा गांव पहुंचने पर मामला सामने आया कि कर्मचारी की तो 2020 में ही मौत हो गई है। जो व्यक्ति नौकरी पर आ रहा है वह ट्रैकमैन कर्मचारी का छोटा भाई है। मामले में महू के एईएन जयदीप महानी का कहना है कि ट्रैकमैन को लेकर शिकायत आई है। इसके रिटायरमेंट को लेकर मंडल कार्यालय में क्या चल रहा है। इसके बारे में हमें जानकारी नहीं है।
