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उफ ऐसी गंदगी, बाप रे बाप…. डस्‍टबीन से झांक रहा कचरा, उचककर नीचे भी आ गया, हरकोई देखकर फेर रहा आंखें

-रतलाम रेलवे स्‍टेशन पर गंदगी के बद से बदतर हालात, यात्री परेशान, फर्म एवं अधिकारी मजे में।

न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। यात्री सुविधा के लिए कभी दूर तक विख्यात रहा पश्चिम रेलवे का रतलाम रेलवे स्‍टेशन इन दिनों कूड़ा कड़कट तथा गंदगी से पहचाना जाने लगा है। गंदगी के हालात यहां प्रत्यक्ष आकर आसानी से देखे जा सकते हैं।

दरअसल रेलवे स्‍टेशन पर सफाई फर्म पर कभी रेल अधिकारियों का दबाव तथा कमियां पाई जाने पर पेनल्‍टी का खौंफ बना रहता था। पूर्व में कई बार मोटी राशि का जुर्माना भी किया गया। लेकिन इन दिनों स्थिति ठीक उलट है। गंदगी के ऐसे हालातों के बावजूद अधिकारी को फर्म के बिल पास कराने की जल्दी है। इसके लिए अधिकारी द्वारा स्टेशन के निचले कर्मचारियों पर उल्‍टे दबाव बना रहे हैं। इसकी बानगी खूद कर्मचारी लिखित में शिकायत के रूप में दे चुके हैं।


बता दें कि रतलाम रेलवे स्‍टेशन पर पिछले दिनों ही अधिकारियों ने स्‍पोर्ट्स लोअर-टीशर्ट तथा कैंप पहने हुए दौड़ व रैलियों के माध्‍यम आम यात्रियों के अलावा कर्मचारियों को सफाई का संदेश दिया था। तब सफाई को लेकर स्‍पेशल ड्राइव भी चलाई गई थी। लगता है यह ड्राइव कचरा व गंदगी फैलाने का अभियान साबित हुआ है। दूसरे ही माह यानी इन दिनों डीआरएम ऑफिस से लेकर रेलवे कॉलोनी तथा रेलवे स्‍टेशन का कोना-कोना कूड़ादान बना हुआ है

स्‍टेशन पर एक भी सफाई कर्मचारी नहीं, मशीनें खड़ी स्‍टेंड पर

रेलवे स्‍टेशन पर सुबह करीब 12 बजे बाद गंदगी का नजारा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करने जैसा था। डस्‍टबी पूरी तरह से कचरें से भरे हुए थे। बल्कि कचरे से लबालब भरे बड़े पॉलीथिन बैग हर कहीं रखकर मच्छर व चूहों को बुलावा दे रहे थे। ट्रैक पर पन्नियों सहित कचरें की भरमार दिखाई दी। स्‍टेशन पर कहीं भी फर्म का सफाई कर्मचारी नहीं दिखाई दिया। टेंडर शर्तो के मुताबिक सफाई की करीब 6 राईडोन मशीन के अलावा कोच के लिए जेट व वेक्‍यूम मशीन का उपयोग करना चाहिए। सभी राइडोन मशीन यात्री लांच के पास राइडोन मशीन अनुपयोगी रखी हुई थी।

सीएचआई पर बिल फॉरवर्ड करने का दबाव

स्‍टेशन पर गंदगी के बावजूद फर्म के बिल जारी करने के लिए अधिकारी द्वारा दबाव बनाया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक मैकेनिकल विभाग के सीनियर डीएमई द्वारा सीएचआई पर ठेकेदार के बिल पर हस्‍ताक्षर कर फॉरवर्ड करने का दबाव बनाया जा रहा है। लेकिन सीएचआई द्वारा इसलिए बिल फॉरवर्ड नहीं किए जा रहे हैं कि अभी गंदगी के हालात है। इसके बाद भी बिल जारी होने पर यदि विलिजेंस जांच के लिए आई तो उनकी जवाबदेही रहेगी।

डीआरएम ऑफ‍िस पर हालात जस के तस

इधर, डीआरएम ऑफ‍िस में गंदगी हालात जस के तस बने हुए है। हालांकि कार्मिक विभाग के कॉरिडोर से कचके के थैलें हटाना शुरू किए है। लेकिन इसी सेक्‍शन के अन्‍य स्‍थान कचरें से पटे हुए है। कर्मचारियों का कहना कि यह कचरा एक स्‍थान से हटाकर दूसरे स्‍थान पर खिसका दिया जाता है।

इसी तरह कार पिछले परिसर में ड्राइवरों के लिए बने कक्ष के पीछे कचरें का अंबार लगा हुए है।

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