-केंद्रीय संगठनों के नेता इसे बता रहे अपनी-अपनी जीत, कर्मचारियों में संशय
न्यूज जंक्शन-18
रतलाम। केंद्र सरकार द्वारा कर्मचारियों के लिए यूपीएस (यूनिफाइड पेंशन स्कीम) की सौगात के बाद प्रथम दृस्टिया हर्ष का माहौल है। मगर इसे लेकर कर्मचारियों में संशय की स्थिति है। संगठनों के पदाधिकारी इसे अपने केंद्रीय नेताओं की जीत मान रहे है। फिलहाल इसके नफा-नुकसान का आंकलन अस्पष्ट है। यह भी साफ नहीं है कि यह एनपीएस से हानिकारी है या ओपीएस की मांग से ज्यादा बेहतर है। बावजूद इस बात से राहत जरुर है कि सरकार ने कर्मचारियों के पेंशन की गारंटी जरुर तय की है।
मालूम हो कि केंद्रीय सहित राज्य कर्मचारियों के संगठनों द्वारा एनपीएस (न्यू पेंशन स्कीम) का विरोध कर ओपीएस (ओल्ड पेंशन स्कीम) लागू करने की जोरों से मांग की जा रही थी। इसे लेकर प्रदर्शन भी किए गए थे। इस बीच सरकार ने पेंशन की नई स्कीम की घोषणा कर राहत भरी खबर देने का प्रयास जरुर किया।
एनपीएस में कटौत्रा की जमा पूंजी का उल्लेख नहीं
यूपीएस को लेकर की गई घोषणा के के प्रारुप में 25 साल की सेवा की अनिवार्यता पूरी करने पर आखरी 12 माह की बेसिक का 50 फीसदी पेंशन देने का ऐलान किया गया। 10 साल की सेवा के लिए 10 हजार रुपए पेंशन भुगतान निर्धारित किया गया है। और भी कुछ बिंदूओं को शामिल किया गया है। दूसरी ओर एनपीएस के अधीन कर्मचारियों का फिलहाल हर माह राशि का कटौत्रा के रूप में जमा की जा रही है। रिटायरमेंट के दौरान कर्मचारियों की उस राशि क्या होगा। इसके बारे में फिलहाल साफ नहीं है। यदि हर माह काटी जा रही यह राशि सरकार खजाने में जमा कर केवल पेंशन भुगतान करती है। तब कर्मचारियों को ओपीएस की तरह एकमुश्त राशि मिलने का लाभ नहीं मिलेगा। इसी तरह 2004 के बाद एनपीएस योजना के कर्मचारी रिटायर हुए है। उन्हें इस यूपीएस पेंशन का लाभ किस तरह दिया जाएगा। इसके बारे में भी संशय है।
इन संगठनों का यह कहना है
इंडियन रेलवे मुवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष नवीन कुमार बोकाडि़या ने कहा कि यूपीएस फिलहाल हितकर नहीं दिखाई दे रही है। सरकार द्वारा घोषणा की गई इस योजना में कई बिंदूओं का उल्लेख नहीं किया है। इसका अगला प्रारुप आने के बाद इसका अध्ययन किया जाएगा। गजट नोटिफिकेशन इसके बाद ही नई योजना के फायदे-नुकसान की बात कहीं जा सकती है। क्योंकि इसमें एनपीएस के तहत कर्मचारियों का हर माह काटी जा रही राशि का रिटायरमेंट के वक्त क्या होगा। इसके बारे में भी काई उल्लेख नहीं है।
एनएफआईआर के विरोध के आगे सरकार को झुकना पड़ा
वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ रतलाम मंडल के मंडल मंत्री अभिलाष नागर एवं अध्यक्ष प्रताप गिरी ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास पर जेसीएम की संयुक्त बैठक एनएफआईआर के राष्ट्रीय महामंत्री डॉक्टर एम राघवैया व प्रेसिडेंट गुमानसिंह की उपस्थिति में हुई। सरकार ने यूपीएस को मंजूरी दी है। प्रथम दृष्टिया तो कई बातें सरकार ने मानी है। मगर यूपीएस का पूरा ड्राफ्ट अभी जनता में आने के बाद ही उसके नफे-नुकसान का अनुमान लगाया जा सकता है। संगठन ओल्ड पेंशन को लेकर संघर्ष के लिए प्रतिबद्ध है।

फेडरेशन महामंत्री मिश्रा ने जो कहा था वहीं हुआ
वेस्टर्न रेलवे एम्प्लॉइज यूनियन के मंडल मंत्री मनोहर बारठ व मंडल अध्यक्ष नरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन द्वारा 1 मई को अनिश्चितकालीन हड़ताल की थी। ओपीएस बहाली को लेकर 29 फरवरी 2024 को प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखा था। मांग की गई थी कि सरकार एनपीएस बंद करे और गारंटीकृत ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करें। मांग पूरी नहीं होने पर संगठनों ने 1 मई 2024 से अनिश्चितकालीन हड़ताल सरकार की ओर से चर्चा का आश्वासन मिलने के बाद टाल दी गई थी। फेडरेशन के महामंत्री श्री शिव गोपाल मिश्रा द्वारा जो कहा गया था वहीं हुआ। लगातार 2 साल से आंदोलन की मेहनत रंग लाई है।
