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टला हादसा: शांति एक्सप्रेस के ऐसी कोच की स्प्रिंग टूटी देखी, सुधार के लिए रात में 4.30 घंटे प्लेटफॉर्म पर खड़ी रही ट्रेन

-स्प्रिंग बदलने के बाद रात 1.25 बजे आई ट्रेेेन को सुबह 6 बजे रवाना किया गया।

न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। गांधीनगर से चली शांति एक्सप्रेस में गुरुवार रात उस समय हादसा टला जब ऐसी कोच में टूटी बोलेस्टर स्प्रिंग को देख लिया गया। आनन-फ़ानन स्प्रिंग बदलने का काम शुरू हुआ। हालांकि इस काम के लिए ट्रेन 4.30 घंटे प्लेटफॉर्म पर खड़ी रही। परेशानी बढ़ने से यात्रियों के सफर का शेड्यूल गड़बड़ा गया।

ट्रेन संख्या 19309 गांधीनगर-इंदौर रात 1.25 बजे प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर आकर ठहरी। इसके बाद रोलिंग स्टाफ से ड्यूटी पर कार्यरत सीनियर टीसीएन राजेश बोरासी को ए-1 कोच के नीचे बोलिस्टर स्प्रिंग टूटी दिखाई दी। विभाग को मैसेज किया गया। इसके बाद 2 बजे स्प्रिंग्स को बदलने का काम शुरू हुआ तथा सुबह 6 बजे काम पूरा किया गया। इसके बाद ट्रेन रवाना की गई तब यात्रियों ने राहत की सांस ली। यह ट्रेन करीब 4.30 घंटे लेट हुई है।

कोच में स्प्रिंग का यह काम

सी एंड डब्ल्यू विभाग के विशेषज्ञ कर्मचारियों के मुताबिक अधिकांश स्प्रिंग ग्वालियर के सिथौली रेल स्प्रिंग कारखाने में बनाई जाती है। पहियों के ठीक ऊपर लगी स्प्रिंग कोच के सस्पेंशन का काम करती है। ट्रेन की स्पीड के दौरान कोच का इससे संतुलन बेहतर बना रहता है। इससे कोच में यात्रियों को झटके नहीं लगते। वहीं ट्रेन के बेपटरी होने का खतरा भी नहीं रहता है। स्प्रिंग टूटने के बावजूद ट्रेन चलती रहे तो बेपटरी होने से जानमाल का नुकसान होने का बड़ा खतरा रहता है।

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