गुर्जर गौड़ ब्राह्मण समाज में ‘जेन-ज़ी क्रांति” : जयपुर की आम सभा में लामबंद हुआ समाज, राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश जोशी के खिलाफ आक्रोश, पद से बर्खास्तगी का प्रस्ताव

जलज शर्मा, न्यूज जंक्शन-18
जयपुर। अखिल भारतवर्षीय श्री गुर्जर गौड ब्राह्मण महासभा के इतिहास में रविवार, 2 अगस्त 2026 को गुलाबी नगरी जयपुर में एक नया और पारदर्शी अध्याय लिखा गया। जयपुर के मानसरोवर स्थित अभिनंदन माहेश्वरी समाज जनउपयोगी भवन में आयोजित ‘साधारण सभा’ एवं ‘प्रबुद्ध जन सम्मेलन’ में समाज का अभूतपूर्व जन-सैलाब उमड़ पड़ा। हज़ारों समाजबंधुओं, विचारकों, महिलाओं और ‘जेन-ज़ी’ युवाओं की उपस्थिति में ओमप्रकाश जोशी को राष्ट्रीय अध्यक्ष के खिलाफ आक्रोश जताया गया। सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर इन्हें पद से तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने का फैसला लिया गया।

देशभर से करीब 1 हजार से अधिक समाजजन निरंकुश शीर्ष नेतृत्व में बदलाव लाने के लिए आमादा दिखाई दिए। मप्र से इंदौर, रतलाम सहित छोटे बड़े शहर, नगर तथा गांव से लोग कार्यक्रम में एक दिन पहले से जमा हो गए।
रतलाम से नगर सभा अध्यक्ष राजेश तिवारी के नेतृत्व में अनेकों चार पहिया वाहनों से समाजजन ने जयपुर कूच किया। साथ ही इंदौर से नगर सभा अध्यक्ष वीरेंद्र व्यास के साथ सतीश व्यास, आशीष जोशी, प्रेस क्लब के अध्यक्ष अरविंद तिवारी,
मंदसौर से सुभाष शर्मा, रमेश शर्मा, रूपनारायण जोशी, भादवा माता से ओमप्रकाश पुरोहित, बद्रीलाल पुरोहित, भोपाल से राजू तिवारी, संजय शर्मा, सिंगोली से बाबूलाल शर्मा, अनिल शर्मा, सतवास से अंश जोशी, लाला भाई, देवास से वरिष्ठ श्री मोदी, लक्ष्मीनारायण जोशी, बंटी भाई, राजगढ़ से श्याम सुंदर दुबे, झाबुआ से भूपेंद्र आचार्य आदि शामिल हुए। मप्र युवक संघ के पूर्व अध्यक्ष श्रेयांश तिवारी (रतलाम) के साथ भी दर्जनों जेन जी युवाओ ने सहभागिता निभाई। साथ ही राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, दिल्ली, पंजाब आदि अनेकों प्रदेश से जागरूक समाज सेवी उपस्थित थे।
नवजागरण और पारदर्शिता का शंखनाद:- सम्मेलन में उपस्थित वक्ताओं ने अप्रत्यक्ष तौर पर बात उठाते हुए शीर्ष नेतृत्व की तानाशाही कार्यप्रणाली को गलत ठहराया। लेकिन बाद में परिवारवाद सहित समाज उत्थान में काम न करने के आरोप लगाते हुए सीधा ओमप्रकाश जोशी को लेकर नामजद प्रहार किया। युवा तुर्क एवं कार्यक्रम आयोजक युवक संघ के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल जोशी ने कहा कि महासभा के गठन को 90 साल हो गए। इतने लंबे अंतराल के बावजूद संगठन का न कार्यालय है। नहीं कोई एड्रेस अभी तक सामने आया। शीर्ष नेतृत्व के पास पारिवारिक नैतिक संस्कारों की कोई नजीर नही है। जिससे वह समाजजनों को इसकी कोई मिसाल दे सकें। गांव में गुर्जर गौड़ ब्राह्मण समाज की हालत दुर्दिन बनी हुई। इनके कल्याण की आज तक बात नहीं की गई। वे आखिर उनसे मिले भी कैसे। जब कोई काम लेकर जाता है तो ठिकाना कभी दिल्ली तो कभी दुबई रहता है।
अन्य अतिथियों ने कहा कि 2 अगस्त का यह ऐतिहासिक दिन केवल एक व्यक्ति विशेष की बर्खास्तगी का नहीं। बल्कि गुर्जर गौड़ ब्राह्मण समाज में लोकतंत्र, पारदर्शिता, शिक्षा और नैतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना का शंखनाद है। कागजी फरमानों और तथाकथित धमकियों को दरकिनार करते हुए समाजबंधुओं की इस अभूतपूर्व एकजुटता ने साबित कर दिया है कि समाज के स्वाभिमान और भविष्य के आगे कोई भी तानाशाही टिक नहीं सकती।

एक नजर में कार्यक्रम आयोजन
-चरण पादुका का सम्मान: कार्यक्रम में महर्षि गौतम जी की मंत्रोच्चार के साथ चरण पादुका मंच पर लाई गई।
– मंच पर स्वागत: संतों व अतिथियों को स्वागत टीमों द्वारा सम्मानपूर्वक मंच पर लाया गया।
-तिवारी व व्यास का सम्मान: रतलाम नगर सभा अध्यक्ष राजेश तिवारी तथा इंदौर नगर सभा अध्यक्ष अरविंद व्यास को मंचासीन अतिथियों में शामिल कर स-सम्मान मंच पर बुलाकर स्वागत किया।
– तख्तापलट का ऐतिहासिक फैसला: समाज की सर्वोपरि संस्था ‘आम सभा’ ने सर्वसम्मति से ओमप्रकाश जोशी को पदच्युत करने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई।

– युवा और जेन-ज़ी शक्ति का वर्चस्व: देश के कोने-कोने से पहुंचे 1,000 से अधिक प्रबुद्धजनों और युवाओं ने तानाशाही व्यवस्था, फर्जी विधान की साजिशों और मनमानी के खिलाफ मुखर होकर हुंकार भरी। इसमें कई युवा भी शामिल थे।
इंदौर से नगर सभा अध्यक्ष वीरेंद्र व्यास के साथ सतीश व्यास, आशीष जोशी, भोपाल से सतीश व्यास,
मंदसौर से सुभाष शर्मा, रमेश शर्मा, रूपनारायण जोशी, भादवा माता से ओमप्रकाश पुरोहित, बद्रीलाल पुरोहित, सतवास से अंश जोशी, लाला भाई, देवास से वरिष्ठ श्री मोदी, लक्ष्मीनारायण जोशी, बंटी भाई, राजगढ़ से श्याम सुंदर दुबे, झाबुआ से भूपेंद्र आचार्य आदि के साथ साथ मध्यप्रदेश युवक संघ के पूर्व अध्यक्ष श्रेयांश तिवारी (रतलाम) के साथ भी दर्जनों जेन-जी युवाओं ने सहभागिता निभाई।

– संवैधानिक मर्यादा की पुनर्स्थापना: सम्मेलन में वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि किसी भी लोकतांत्रिक संस्था में ‘आम सभा’ ही सर्वोच्च शक्ति होती है। आम सभा के इस निर्णय के बाद वर्तमान नेतृत्व का पद पर बने रहना असंवैधानिक और नैतिक रूप से शून्य हो चुका है।
– गगनभेदी नारों से गूंजा परिसर: सुबह 10 बजे से ही ‘जय महर्षि गौतम’ और ‘सत्य एवं स्वाभिमान की जय’ के जयकारों के साथ पूरा मानसरोवर क्षेत्र गुंजायमान रहा।
- पूज्य संतों एवं वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस ऐतिहासिक निर्णय और सम्मेलन को देश के पूज्य संतों के आशीर्वाद के साथ-साथ कई प्रमुख राजनीतिक एवं सामाजिक हस्तियों का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
– श्री श्री 1008 श्री बजरंग दास जी महाराज (नागौर बालाजी धाम) – पावन सानिध्य एवं आशीष वचन
– डॉ. सी.पी. जोशी (पूर्व अध्यक्ष – राजस्थान विधानसभा एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री)
– श्रीमती मंजू शर्मा (सांसद – जयपुर लोकसभा)
– श्री हरिमोहन शर्मा (विधायक – बूंदी एवं पूर्व मंत्री)
– डॉ. रघु शर्मा (पूर्व कैबिनेट मंत्री – राजस्थान सरकार)
– श्री मिथिलेश गौतम महाराज (प्रदेश महामंत्री – भाजपा राजस्थान)।
