रतलाम रेल मंडल में मान्यता प्राप्त यूनियनों की सदस्यता पर जंग: WRMS और WREU दोनों का नंबर वन होने का दावा
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। वेस्टर्न रेलवे के रतलाम मंडल में मान्यता प्राप्त कर्मचारी संगठनों वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ और वेस्टर्न रेलवे एम्प्लाइज यूनियन के बीच सदस्यता में खुद को अव्वल साबित करने की होड़ गुरुवार शाम चरम पर पहुंच गई। वर्ष 2026 से 2030 तक की अवधि के लिए जारी सदस्यता आंकड़ों के सामने आने के बाद दोनों ही यूनियनें खुद को नंबर वन बता रही हैं।।जिससे रेल कर्मचारियों के बीच असमंजस की स्थिति बन गई है। रतलाम मंडल के तुलनात्मक आंकड़ें बता रहे है कि यूनियन 6 कर्मचारियों की सदस्यता में आगे है। जबकि मजदूर संघ पदाधिकारी दाहोद वर्कशॉप सहित कुल आंकड़ों में खुद को 151 से आगे मान रहे है। दूसरी ओर पश्चिम रेलवे कर्मचारी परिषद का कहना है कि सदस्यता अभियान में दोनों संगठनों का कर्मचारियों के बीच ग्राफ गिरा है।
मजदूर संघ का दावा: दाहोद वर्कशॉप सहित कुल आंकड़ों में 151 से आगे:- गुरुवार, 30 जुलाई 2026 को जारी आंकड़ों का हवाला देते हुए वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ ने रतलाम मंडल में बढ़त का दावा किया है। सहायक मंडल मंत्री गौरव दुबे के अनुसार मजदूर संघ के कुल सदस्य 11,067 तथा यूनियन कुल सदस्य 10,916 रहे है। इस मान से आंकड़ों के अंतर में मजदूर संघ 151 सदस्यों से आगे रहा है।
संघ पदाधिकारियों का कहना है कि इन आंकड़ों में रतलाम, दाहोद सहित रतलाम मंडल की सभी शाखाएं शामिल हैं। सदस्यता में बढ़त मिलने पर मजदूर संघ कार्यालय में जश्न का माहौल रहा।
यूनियन की दलील: ‘दाहोद वर्कशॉप को जोड़कर किया जा रहा भ्रामक प्रचार’:- दूसरी ओर, वेस्टर्न रेलवे एम्प्लाइज यूनियन ने मजदूर संघ के इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे “निराधार और भ्रामक” बताया है।
यूनियन का तर्क है कि मजदूर संघ दाहोद वर्कशॉप के आंकड़ों को जबरन रतलाम मंडल में जोड़कर झूठा प्रचार कर रहा है। यूनियन पदाधिकारियों ने एक सीधा सवाल उठाते हुए कहा कि अगर दाहोद वर्कशॉप रतलाम मंडल का ही हिस्सा है, तो क्या रतलाम का मंडल मंत्री दाहोद वर्कशॉप की PNM मीटिंग अटेंड कर सकता है?”
वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी के जारी आंकड़े:- यूनियन का कहना है कि वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार रतलाम मंडल में यूनियन ही आगे है।
|
WREU |
9,343 |
6 वोटों से आगे |
|
WRMS |
9,337 |
|
इसके अलावा, यूनियन का यह भी आरोप है कि मजदूर संघ के शीर्ष नेतृत्व को उनके गृह नगर में ही लगभग 100 सदस्यों से पीछे रहना पड़ा है। जिसे छिपाने के लिए यह भ्रामक आंकड़े पेश किए जा रहे हैं।
इधर, दोनों संगठनों के अपने-अपने दावों और तर्कों के चलते रतलाम रेल मंडल का माहौल गर्मा गया है। जहां मजदूर संघ दाहोद समेत पूरे क्षेत्र के कुल आंकड़ों के आधार पर जश्न मना रहा है। वहीं एम्प्लाइज यूनियन प्रशासनिक स्तर के मंडल आंकड़ों का हवाला देकर सच्चाई और तथ्यों की दुहाई दे रही है।
सदस्यता में अव्वल रहने के दावों के बीच पश्चिम रेलवे कर्मचारी परिषद द्वारा दोनों संगठन को हाशिए पर बताया है। जोनल संगठन महामंत्री शिवलहरी शर्मा का कहना है कि सदस्यता के आंकड़ों को देखकर माना जा रहा है कि कर्मचारियों में इन संगठनों के प्रति मोह कम हुआ है। पिछली बार 90 फीसदी से लगभग दावे किए जा रहे थे। इस बार तकरीबन 70 फीसदी से भी कम है। यह बताता है कि कर्मचारियों का मान्यता प्राप्त संगठनों के प्रति विश्वास कम होता जा रहा है।
