रतलाम रेलवे स्टेशन: अवैध वेंडर्स के बीच फ़ास्ट फूड का खेल… उड़ा रहे नियमों की धज्जियाँ, हर कोच में पिज़्ज़ा की बिक्री, यात्रियों की सेहत से खिलवाड़
रेलवे के दावों की खुली पोल, आरपीएफ की भूमिका पर उठे सवाल।
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। पश्चिम रेलवे के प्रमुख जंक्शनों में शुमार रतलाम रेलवे स्टेशन पर इन दिनों रेल यात्रियों की सेहत और सुरक्षा के साथ सरेआम खिलवाड़ किया जा रहा है। स्टेशन के प्लेटफॉर्मों से लेकर ट्रेनों के डिब्बों (कोच) तक अवैध खाद्य पदार्थों की बिक्री का काला कारोबार धड़ल्ले से फल-फूल रहा है।

ताजा मामले के अनुसार, स्टेशन परिसर और रुकने वाली ट्रेनों में बिना किसी वैध लाइसेंस व अनुमति के अवैध पिज्जा की बिक्री जोरों पर चल रही है। इसके अलावा, ट्रेनों के एसी व स्लीपर कोच में यात्रियों को परोसे जा रहे बफेट डिनर जैसे तमाम व्यंजन बेहद अमानक और घटिया स्तर के पाए जा रहे हैं। न तो इन खानों की गुणवत्ता की जाँच हो रही है और न ही स्वच्छता मानकों का पालन किया जा रहा है।
आरपीएफ की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल:- सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे अवैध नेटवर्क पर नकेल कसने की जिम्मेदारी निभा रही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की भूमिका पूरी तरह संदिग्ध नजर आ रही है। प्रत्यक्षदर्शियों और यात्रियों के अनुसार, प्लेटफॉर्म पर खुलेआम घूम रहे इन अवैध वेंडरों को देखकर भी आरपीएफ के जवान अपनी निगाहें फेर लेते हैं। गश्त पर तैनात अमला सब कुछ जानते हुए भी अनजान बना हुआ है, जिससे यात्रियों में भारी आक्रोश है। मामले में डीआरयूसीसी मेंबर ने स्टेशन पर शिकायत का प्रारूप तैयार किया। है गया कि स्टेशन पर यात्रियों की सेहद से जमकर खिलवाड़ किया जा रहा है। ट्रेनों में परोसा जा रहा खाना न केवल बेस्वाद है, बल्कि बासी और स्वास्थ्य के लिए खतरनाक भी है। वेंडर बिना किसी डर के अवैध सामान बेच रहे हैं। रेलवे सुरक्षा बल मूकदर्शक बना हुआ है।
अब देखना यह है कि मंडल रेल प्रबंधक अश्वनी कुमार और वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त इस अवैध कारोबार और उदासीन अमले पर क्या सख्त कदम उठाते हैं।
उठते कुछ सीधे सवाल:
– जाँच का अभाव: स्टेशन पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जाँचने वाली कैटरिंग और मेडिकल टीमें कहाँ सोई हुई हैं?
– अवैध वेंडिंग: बिना वैध वेंडर कार्ड के ये लोग कोच के भीतर तक कैसे पहुँच रहे हैं?
– सुरक्षा में सेंध: क्या किसी बड़ी अनहोनी या स्वास्थ्य आपदा का इंतजार कर रहा है रेलवे प्रशासन?
