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बारिश में डूबी सुविधा, तैर रहा लापरवाह सिस्टम: रतलाम डाउन यार्ड के मेंटेनेंस शॉप की रोड बनी दलदल, रेलवे कर्मचारियों का निकलना दुश्वार

न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। एक तरफ जहां रेलवे खुद को आधुनिक बनाने और स्वच्छता अभियान के बड़े-बड़े दावे कर रहा है। वहीं दूसरी तरफ रतलाम के ‘डाउन यार्ड वर्कशॉप’ से रेलवे प्रशासन की घोर अनदेखी और बदहाली की तस्वीर सामने आई है। डाउन यार्ड एरिया तथा सीएंडडब्ल्यू के मेंटेनेंस वर्कशॉप पर ड्यूटी जाने व लौटने वालों की फजीहत हो रही है। दरअसल इस ओर मास्टर ऑफिस के सामने की मुख्य सड़क बारिश के पानी और कीचड़ के कारण पूरी तरह जलमग्न हो चुकी है। जिससे यह मार्ग गड्ढों और दलदल में तब्दील हो गया है।

​कर्मचारियों की अनदेखी, हो रहे परेशान:- वर्कशॉप सहित डाउन यार्ड में गाड़ियों की शंटिंग सहित परिचालन से जुड़े करीब 50 से 60 कर्मचारी कार्यरत है। इस खस्ताहाल सड़क से हर शिप्ट में प्रतिदिन दर्जनों रेलवे कर्मचारी अपनी ड्यूटी के लिए आवाजाही करते हैं। बारिश के मौसम में जलजमाव और कीचड़ के कारण इनका पैदल चलना तो दूर, दोपहिया वाहनों से निकलना भी जोखिम भरा हो गया है। आए दिन कर्मचारी फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।

​मेमो और शिकायतों का नहीं हुआ कोई असर :- कर्मचारियों में इस अनदेखी को लेकर भारी आक्रोश है। मामले में वेस्टर्न रेलवे एम्प्लाइज यूनियन के सक्रिय प्रतिनिधि व मीडिया प्रवक्ता अशोक तिवारी ने बताया कि इस समस्या का बारिश में कोई समाधान नहीं किया जा रहा। जबकि इसके लिए इंस्पेक्टर ऑफ वर्क (IOW) को कर्मचारियों व इंचार्ज द्वारा 2 से 3 बार बाकायदा लिखित मेमो सौंपे जा चुके हैं। बावजूद इसके, संबंधित विभाग के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है।

6 साल से नहीं हुई पुताई, मौखिक और लिखित गुहार भी बेकार :- लापरवाही का आलम सिर्फ बदहाल सड़क तक ही सीमित नहीं है। मेंटेनेंस शॉप परिसर से जुड़े मास्टर ऑफिस सहित अन्य बिल्डिंग की स्थिति दयनीय है। पिछले 6 सालों से यहां पुताई तक नहीं कराई गई है। इस संबंध में भी अधिकारियों को कई बार मौखिक और लिखित रूप से अवगत कराया जा चुका है। लेकिन हर बार बात आश्वासन तक ही सिमट कर रह जाती है।तिवारी के मुताबिक कर्मचारियों की मांग है कि प्रशासन तुरंत इस मामले पर संज्ञान ले। रोड की मरम्मत करवाए और वर्षों से लंबित सीएंडब्ल्यूव के मेंटेनेंस शॉप के रखरखाव व पुताई का काम जल्द से जल्द पूरा कराए। ताकि वे बिना किसी भय और परेशानी के अपनी ड्यूटी कर सकें।

उठ रहे गंभीर सवाल
जब कर्मचारी दिन-रात रेलवे के संचालन को सुचारू रखने में लगे रहते हैं। तो उनकी मूलभूत सुविधाओं और सुरक्षा को लेकर इतनी लापरवाही क्यों?

– लिखित मेमो मिलने के बाद भी IOW विभाग द्वारा कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया गया?

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