न्यूज़ जंक्शन-18 ख़बर का असर शुरू…. ट्रेनों की गति बढ़ाने की कवायद, 300 से अधिक अनुपयोगी स्टॉपेज होंगे खत्म, इंदौर-दिल्ली सराय रोहिल्ला एक्सप्रेस से शुरुआत, समय घटाया
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रतलाम रेल मंडल में नीमच-रतलाम रेलखंड सहित पश्चिम रेलवे परिधि में करोड़ों रुपए खर्च कर दोहरीकरण और ‘फास्ट स्पीड प्रोजेक्ट’ का काम पूरा कर लिया गया है। हालांकि, इंफ्रास्ट्रक्चर में इतने बड़े निवेश के बावजूद यात्रियों को अब तक अपने गंतव्य तक जल्दी पहुँचने का सीधा लाभ नहीं मिल पा रहा था।
‘न्यूज़ जंक्शन-18’ द्वारा 10 जुलाई 2026 को यात्रियों की इस समस्या पर प्रमुखता से खबर प्रकाशित करने के बाद पश्चिम रेलवे मुख्यालय से लेकर रेलवे बोर्ड तक मामले का संज्ञान लिया गया है। अब रेलवे प्रशासन ट्रेनों के समय सारणी में संशोधन करने और अनुपयोगी स्टॉपेज को समाप्त कर यात्रा का समय घटाने के प्रयासों में जुट गया है।
अक्टूबर 2026 तक लागू होगी नई व्यवस्था: 300 से ज्यादा ठहराव होंगे बंद:- भारतीय रेलवे लंबी दूरी और प्रीमियम ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने के लिए देशभर में 300 से अधिक कम उपयोग वाले ठहराव (स्टॉपेज) को चरणबद्ध तरीके से खत्म करने जा रही है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार:
– मानकों पर खरे नहीं उतरे स्टॉपेज: वर्ष 2021 से 2025 के बीच जनप्रतिनिधियों की सिफारिशों पर दिए गए कई प्रायोगिक स्टॉपेज की समीक्षा में पाया गया कि कई स्टेशनों पर प्रतिदिन प्रति ट्रेन 15 टिकटों से भी कम बुकिंग दर्ज हो रही है।
– समय और ईंधन की बड़ी बचत: आरडीएसओ (RDSO) के मुताबिक, 130 किमी/घंटा की रफ्तार से चल रही ट्रेन को रोकने और पुनः गति पकड़ने में 5 से 7 मिनट अतिरिक्त लगते हैं।
– 15 से 45 मिनट की होगी बचत: 3 से 4 गैर-जरूरी ठहराव हटने से यात्रियों का 15 से 45 मिनट तक का समय बचेगा । साथ ही, प्रति स्टॉपेज 300 से 350 यूनिट बिजली या 20 से 25 लीटर डीजल की बचत होगी।
इंदौर–दिल्ली सराय रोहिल्ला एक्सप्रेस का बदला समय :- नीमच–रतलाम रेलखंड का दोहरीकरण पूरा होने के बाद परिचालन में सुधार के उद्देश्य से ट्रेन संख्या 19337 (इंदौर–दिल्ली सराय रोहिल्ला एक्सप्रेस) के समय में संशोधन किया गया है।
नए समय के मुताबिक 19 जुलाई से यह ट्रेन इंदौर से शाम 19:20 बजे के स्थान पर 19:50 बजे (30 मिनट बाद) प्रस्थान कर रही है। जिससे यात्रियों के समय की बचत होने लगी और ट्रेन समय नियमित समय पर गंतव्य तक पहुंच।
ग्वालियर-भिंड-रतलाम एक्सप्रेस ले रही अत्यधिक समय:- जहाँ एक ओर रेलवे ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने और समय बचाने के दावे कर रहा है। वहीं यात्रियों के लिए ग्वालियर-भिंड-रतलाम एक्सप्रेस सबसे बड़ी सिरदर्दी बनी हुई है।
दोहरीकरण और ट्रैक अपग्रेडेशन के बाद भी यह ट्रेन रतलाम पहुँचने में आवश्यकता से अधिक समय ले रही है। यात्रियों और स्थानीय दैनिक यात्रियों का कहना है कि इस ट्रेन की सुस्त चाल और अनियोजित ठहराव के कारण उनका घंटों का समय बर्बाद हो रहा है।
रेलवे बोर्ड द्वारा अनुपयोगी स्टॉपेज हटाने और समय सारणी सुधारने के अभियान के तहत अब यात्रियों की नज़र ग्वालियर-भिंड-रतलाम एक्सप्रेस के परिचालन और समय सीमा में सुधार पर टिकी है।
