सीए अर्पित शर्मा ने सेमिनार में दी अहम जानकारी…..मात्र 19 दिन शेष, लेकिन आयकर पोर्टल पर अभी भी तकनीकी अड़चन
– आईसीएआई रतलाम ब्रांच (सीआईआरसी) द्वारा जावरा में आयकर विषय पर ज्ञानवर्धक सेमिनार का आयोजन
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। आईसीएआई रतलाम ब्रांच (सीआईआरसी) द्वारा जावरा में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के लिए आयकर विषय पर एक ज्ञानवर्धक सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आयकर कानून में हुए नवीनतम संशोधनों, वित्त अधिनियम के महत्वपूर्ण प्रावधानों तथा उनके व्यावहारिक पहलुओं से सदस्यों को अवगत कराना था।
मुख्य वक्ता सीए अर्पित शर्मा ने अपने संबोधन में आयकर अधिनियम में हुए नवीनतम संशोधनों, वित्त वर्ष 2025-26 एवं आकलन वर्ष 2026-27 के लिए लागू महत्वपूर्ण परिवर्तनों तथा आयकर रिटर्न दाखिल करने के दौरान आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि में अब मात्र 19 दिन शेष हैं, लेकिन आयकर विभाग के पोर्टल पर अभी भी कई तकनीकी समस्याएँ बनी हुई हैं। इन समस्याओं के कारण करदाताओं एवं कर पेशेवरों को रिटर्न दाखिल करने में अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर आयकर रिटर्न दाखिल नहीं करने पर आयकर अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार ₹5,000 तक की लेट फीस (जहाँ लागू हो) का प्रावधान है। उन्होंने रिटर्न दाखिल करते समय बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों, सही आईटीआर फॉर्म के चयन, आय एवं टीडीएस का मिलान, बैंक खातों एवं अन्य आवश्यक जानकारियों की शुद्धता तथा सभी स्रोतों की आय का सही विवरण देने के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी।
सीए अर्पित शर्मा ने विभिन्न आय वर्गों पर लागू आयकर दरों की भी सरल भाषा में व्याख्या की। साथ ही उन्होंने पूंजीगत लाभ (Capital Gains) के कराधान पर चर्चा करते हुए बताया कि शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन (STCG) पर 20% तथा लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) पर 12.5% की दर से कर (प्रचलित प्रावधानों के अनुसार, जहाँ लागू हो) देय होता है। इसके अतिरिक्त उन्होंने करदाताओं के लिए उपलब्ध वैधानिक कर नियोजन (Tax Planning) के विभिन्न विकल्पों एवं उनके व्यावहारिक लाभों की भी विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विभिन्न प्रावधानों को सरल एवं व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया तथा उपस्थित चार्टर्ड अकाउंटेंट्स द्वारा पूछे गए प्रश्नों एवं जिज्ञासाओं का समाधान किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम में सीए दीपेश जैन (उपाध्यक्ष) ने मुख्य वक्ता सीए अर्पित शर्मा का परिचय कराया। जबकि कार्यक्रम का संचालन सीए धैर्य मेहता ने किया। इस अवसर पर सीए मोहित श्रीमाल (पूर्व अध्यक्ष) ने मुख्य वक्ता को स्मृति चिन्ह भेंट किया। साथ ही सीए शगुन भारज्यात्या, सीए पार्थ शर्मा, सीए निलेश अजमेरा, सीए अक्षय हरन एवं सीए सार्थक मेहता सहित अन्य सदस्यों ने उनका सम्मान किया।
सेमिनार में जावरा एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रतिभागियों ने सेमिनार को अत्यंत उपयोगी, ज्ञानवर्धक एवं व्यावहारिक दृष्टि से लाभदायक बताया।
